Surya Grahan: सूर्य ग्रहण उतरते ही खत्म नहीं होता ‘नियमों’ का दौर! इसके बाद की ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

Surya Grahan 2026 : सूर्य ग्रहण खत्म होने के बाद भी कुछ धार्मिक नियमों का पालन करने की मान्यता है। जानें ग्रहण के बाद किन कामों को करने से बचना चाहिए और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

Surya Grahan Ke Baad Kya Kare
सूर्य ग्रहण के नियम (सौ.AI)
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Surya Grahan Ke Baad Kya Kare : आज 12 अगस्त 2026 को साल का सबसे बड़ा और आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र और सनातन परंपरा में सूर्य ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक घटना माना जाता है। हालांकि, भारत में सूर्य ग्रहण नहीं दिखाई देगा।

शास्त्रों में इस अवधि को शुभ नहीं माना गया है। ऐसे में सूर्य ग्रहण और इसके सूतक काल के दौरान कुछ सख्त नियमों का पालन अवश्य करना चाहिए। खासतौर पर, ग्रहण समाप्ति के बाद अनजाने में की गई कुछ गलतियां घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ा सकती हैं और शारीरिक व मानसिक परेशानियां खड़ी कर सकती है।आइए जानते हैं, ग्रहण समाप्त होने के बाद किन गलतियों से बचना चाहिए?

ग्रहण समाप्त होने के बाद किन गलतियों से बचना चाहिए?

बिना स्नान के काम

ग्रहण खत्म होते ही बिना नहाए सीधे मंदिर, तुलसी के पौधे या रसोई को न छुएं। पहले स्नान कर खुद को पवित्र करें। मान्यता है कि ग्रहण के दौरान वातावरण में नकारात्मक तरंगें रहती है। इसलिए स्नान के बाद ही पूजा-पाठ करें और रसोई में प्रवेश करें।

शुद्धता का अभाव

पूरे घर की साफ-सफाई किए बिना और गंगाजल का छिड़काव किए बिना सामान्यचर्या न शुरू करें।

बासी या खुला भोजन

ग्रहण से पहले रखा हुआ खुला खाना या रखा हुआ न खाएं। नया और ताजा भोजन बनाएं। यदि ग्रहण से पहले बने भोजन में कुशा या तुलसी के पत्ते नहीं डाले गए थे, तो ग्रहण समाप्त होने के बाद ऐसे भोजन का सेवन करने से बचना चाहिए. माना जाता है कि ग्रहण के प्रभाव से भोजन अशुद्ध हो सकता है।

दान न करना

अपनी क्षमता के अनुसार अन्न, वस्त्र या जरूरी चीजों का दान अवश्य करें, इसे टालें नहीं।

नकारात्मकता नज़रअंदाज़ करना

ग्रहण के बाद सुस्ती या नकारात्मक विचारों को अपने ऊपर हावी न होने दें, बल्कि ईश्वर का ध्यान करें।

गर्भवती महिलाओं द्वारा स्नान में लापरवाही

ग्रहण समाप्त होने के बाद गर्भवती महिलाओं को स्नान करने की सलाह दी जाती है। साथ ही, ग्रहण के तुरंत बाद भारी शारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए।

हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं उन्हीं स्थानों पर लागू मानी जाती हैं, जहां ग्रहण दिखाई देता है। चूंकि 12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारत में इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। ऐसे में लोग सामान्य दिनों की तरह अपनी सभी गतिविधियां कर सकते हैं।


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