Skand Shashthi Pooja Upay:स्कंद षष्ठी के दिन क्या उपाय करने से बदल सकती है किस्मत, यहां जानिए ज्योतिष उपाय
Skand Shashthi Pooja Upay: स्कंद षष्ठी का केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होते है।
- Written By: सीमा कुमारी
स्कंद षष्ठी (सौ. Gemini)
Skand Shashthi Astrology Remedies: 22 अप्रैल 2026, बुधवार को वैशाख महीने की स्कंद षष्ठी का व्रत रखा जा रहा है। यह व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की षष्ठी के दिन रखा जाता है। जो कि भगवान कार्तिकेय की उपासना के लिए समर्पित होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान कार्तिकेय अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करते है। ज्योतिषयों के अनुसार, स्कंद षष्ठी के दिन कुछ ज्योतिष उपाय अपनाने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
स्कंद षष्ठी के दिन करें ये खास उपाय
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षष्ठी स्त्रोत का पाठ
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, स्कंद षष्ठी के दिन पूजा करते समय षष्ठी स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से संतान प्राप्त होती है। साथ ही कार्तिकेय भगवान के नामों का जाप भी करना चाहिए।
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लाल चंदन अर्पित करे
अगर कार्तिकेय जी को लाल चंदन चढ़ाया जाए तो व्यक्ति की संतान कठिन परिस्थितियों से निकल जाती है। साथ ही उन्हें इस तरह की बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है।
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ॐ ह्रीं षष्ठीदेव्यै स्वाहा.
इस मंत्र का उच्चारण कमलगट्टे की माला पर 1100 बार करना चाहिए। ऐसा करने से इच्छित वर की प्राप्ति होती है। फिर मां दुर्गा को पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य चढ़ाएं। ऐसा करने से व्यक्ति को हर काम में सिद्धि प्राप्त होती है।
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मयूर की पूजा
अगर इस दिन मयूर की पूजा की जाए तो संतान पर आया संकट टल जाता है।
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कमल पुष्प
भगवान कार्तिकेय को कमल पुष्प और सुदर्शन चक्र चढ़ाने से जिद्दी संतान ठीक हो जाती है।
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लड्डू, केसर
अगर बच्चा किसी गलत संगत या काम में पड़ जाता है तो आज के दिन कार्तिकेय जी को मोर पंख, बूंदी से बने लड्डू, केसर और शंख चढ़ाएं।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि स्कंद षष्ठी का केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का प्रतीक है इस दिन किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में सफलता, शांति और समृद्धि लाने में सहायक होते हैं. श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत जीवन को नई दिशा दे सकता है।
