सोलह सोमवार व्रत 2024 (सौ.सोशल मीडिया)
सावन का महीना चल रहा है वहीं पर हिंदू धर्म में इसका खासा महत्व होता है इसके साथ ही 22 जुलाई से सावन के पहले सोमवार की शुरुआत के होने वाली है जिसे लेकर शिवभक्तों में खासा उत्साह बना हुआ है। इस पावन दिन सोलह सोमवार की शुरूआत हो जाती है जो सबसे शुभ फलदायिनी व्रतों में से एक होता है। इस खास व्रत को करने से कुंवारी लड़कियों को अच्छे वर की प्राप्ति होती है वहीं पर शादी में आ रही अड़चनें दूर होती है। कहा जाता है कि, सोलह सोमवार का व्रत विधि-विधान से करने पर भगवान शिव प्रसन्न होते है और भक्त की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।
सावन में सोलह सोमवार व्रत को लेकर ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ डॉ आरती दहिया जी कहते है कि, सावन के सोमवार का विशेष महत्व है और यदि आप इस अवधि से ही सोलह सोमवार का व्रत शुरू करते हैं तो आपके विवाह में आने वाली कोई भी बाधा दूर होती है। कहा जाता है इस व्रत को करने से व्रतधारी के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और उसे सुख, समृद्धि और शांति प्राप्त होती है।
सुहागन के अलावा इस व्रत को सबसे ज्यादा कुंवारी लड़कियों के लिए फलदायक माना गया है अगर किसी लड़की की शादी में देऱी हो रही है और वह अच्छे वर की कामना के साथ सोलह सोमवार का चमत्कारी व्रत कर लेती है तो भगवान उस पर कृपा बनाते है। इसके अलावा शादीशुदा महिलाओं या भक्तों के जीवन में आ रही परेशानी का हल सोलह सोमवार व्रत है।
सावन के पहले सोमवार के दिन से आप सोलह सोमवार की शुरुआत कर सकते है इसके लिए यह विधि होती है…
1- सावन में शुरू होने वाले सोलह सोमवार व्रत की शुरुआत व्रत के संकल्प से करें।
2- यदि आप व्रत का संकल्प करती हैं तो सुबह स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें।
3- व्रत का संकल्प लेने के बाद भगवान शिव के समक्ष व्रत का संकल्प लें।
4- संकल्प लेने के बाद, पूरे सावन महीने के प्रत्येक सोमवार को व्रत रखें।
5- आपको ध्यान रखना है कि सोमवार के दिन व्रत रखते समय आपका मन शुद्ध होना चाहिए और कोई भी विकार मन में न लाएं।
सोलह सोमवार का व्रत करने के लिए आपको इन प्रकार की सामग्री को एकत्रित कर लेना चाहिए…
भगवान शिव की मूर्ति, गंगा जल,दूध, दही, घी, शहद और चीनी,चंदन, पुष्प, बेलपत्र, धतूरा, भांग, धूप, दीप, अगरबत्ती,फल, मिठाई
सोमवार के साथ विधि -विधान के साथ व्रत करने का महत्व होता है और इसकी विधि इस प्रकार है..
– सबसे पहले प्रातःकाल स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
– भगवान शिव की मूर्ति या चित्र को गंगाजल से स्नान कराएं।
– पंचामृत से अभिषेक करें और पुनः गंगाजल से स्नान कराएं।
– भगवान शिव को चंदन, पुष्प, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करें।
– धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएं।
– शिव चालीसा और शिव पुराण का पाठ करें।
– भगवान शिव को नैवेद्य अर्पित करें और आरती करें।
विधि -विधान के साथ तो सोलह सोमवार का व्रत करना सही होता है लेकिन पूरे 16 सोमवार के दिन भक्तों को इन नियमों का पालन भी करना चाहिए जो इस प्रकार है..
व्रत के दौरान क्रोध, ईर्ष्या, द्वेष आदि नकारात्मक भावनाओं से दूर रहना चाहिए।
व्रत के दौरान आपको झूठ, चोरी और अन्य अनैतिक कार्यों से बचना चाहिए।
व्रत के दौरान भगवान शिव का ध्यान करना चाहिए और उनकी कथाओं को सुनना चाहिए।
सोलह सोमवार का व्रत करने से कुंवारी लड़कियों को अच्छे और योग्य वर की प्राप्ति होती है तो वहीं पर विवाहित महिलाओं के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इसके अलावा व्रत के दौरान भगवान शिव की पूजा और उनकी कथाओं का श्रवण करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है। यह मन को शांति और स्थिरता मिलती है।