Sita Navami Upay : अरेंज मैरिज या लव मैरिज में आ रही हैं अड़चनें? सीता नवमी पर करें ये उपाय
Sita Navami Upay For Marriage: सीता नवमी के दिन किए गए विशेष उपाय विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने में मददगार माने जाते हैं। इन उपायों से लव और अरेंज मैरिज के योग मजबूत होते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
माता सीता (सौ. Gemini)
Sita Navami Remedies For Marriage: 25 अप्रैल को सीता नवमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में सीता नवमी का बड़ा महत्व है। यह पर्व भगवान राम की अर्धांगिनी माता सीता के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए व्रत करती है। ऐसे में आज हम आपको सीता नवमी के कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जिन्हें करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और योग्य जीवनसाथी मिलता है।
सीता नवमी पर शीघ्र विवाह के लिए करें ये खास उपाय
लव मैरिज के लिए
ज्योतिष – शास्त्र के अनुसार, लव मैरिज करने की इच्छा है, तो सीता नवमी के दिन सभी नियमों के साथ व्रत का पालन करें और भगवान राम और माता सीता की एक साथ पूजा करें। माता सीता को श्रंगार के साथ चुनरी अर्पित करें फिर जानकी स्तोत्र का पाठ करें. मां जानकी के आशीर्वाद से आपकी मनोकामना पूरी हो सकती है।
वैवाहिक जीवन खुशहाल बनाने के लिए
सुहागिनों के लिए सीता नवमी(Sita Navami) के दिन व्रत करना और विधि-विधान से मां सीता व श्रीराम की पूजा करना शुभ माना गया है। इस दिन माता सीता को सुहाग की सामग्री जरूर अर्पित करें। माता सीता को सिंदूर अर्पित करने के बाद इसी में से अपनी मांग में भी सिंदूर लगाएं और इस अपने पास ही रख लें। बाकी का सामान किसी जरूरतमंद सुहागिन महिला को दान कर दें। इस उपाय को करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ता है।
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शीघ्र विवाह के लिए करे
सीता नवमी के दिन पीले कपड़ा लेकर उसमें 5 हल्दी की गांठ बांधें और इसे माता सीता के चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद अपनी मनोकामना कहें और पूजा के बाद इस पोटली को अपने पास रख लें। ऐसा करने से जातक के लिए जल्द ही विवाह के योग बनने लगते हैं।
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माता सीता की आराधना का महत्व
माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता हैं। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत करता है, उसे 16 प्रकार के महादानों के समान फल प्राप्त होता है और जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती हैं।
माता सीता को त्याग, धैर्य और समर्पण की प्रतिमूर्ति माना जाता हैं। उनकी पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में मानसिक शांति और धैर्य का आगमन होता हैं।
