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शिवलिंग पूजा में महिलाओं को इन नियमों का रखना चाहिए ध्यान? जानें शास्त्रों में बताए सही उपाय

Shivling Touch Rules: सनातन धर्म में शिवलिंग की पूजा को लेकर कई नियम बनाए गए है। ऐसे में महिलाओं के लिए भी इस पूजा में नियम दिए गए है। जिसको अपनी पूजा में शामिल करना जरूरी है।

  • By सिमरन सिंह
Updated On: Dec 02, 2025 | 05:43 PM

महिलाओं को इन नियमों का रखना चाहिए ध्यान। (सौ. AI)

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Women’s Shiv Puja: सनातन धर्म में शिवलिंग की पूजा को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि शिवलिंग की सच्चे मन से पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन के समस्त कष्ट दूर होते हैं और उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। ज्योतिष और धार्मिक ग्रंथों में शिवलिंग पूजा से जुड़े कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना अत्यंत आवश्यक माना गया है। खासतौर पर महिलाओं के लिए कुछ निर्देश ऐसे हैं, जिनका उल्लंघन करना अशुभ परिणाम दे सकता है।

महिलाएं शिवलिंग को स्पर्श क्यों नहीं कर सकतीं?

शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग पुरुष ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक है। इसी कारण पारंपरिक रूप से   को छूना केवल पुरुषों या विवाहित दंपत्ति के लिए मान्य माना गया है। महिलाओं के लिए इसका सीधा स्पर्श वर्जित बताया गया है। कहा जाता है कि शिवलिंग की ऊर्जा अत्यंत प्रबल होती है, जिसका सीधा संपर्क महिलाओं के लिए उचित नहीं माना गया है।

नंदी मुद्रा में महिलाएं कर सकती हैं शिवलिंग का स्पर्श

कई महिलाएं अपनी श्रद्धा, भक्ति और लगन के कारण शिवलिंग को स्पर्श करना चाहती हैं। शास्त्रों में इसके लिए एक विशेष विधि बताई गई है जिसे नंदी मुद्रा कहा जाता है। इस मुद्रा में शिवलिंग को छूने से नियमों का उल्लंघन नहीं होता और पूजा पूर्ण फलदायी मानी जाती है।

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नंदी मुद्रा क्या है?

  • नंदी मुद्रा में बैठने और हाथ की विशेष अवस्था रखकर शिवलिंग का स्पर्श किया जाता है।
  • इस मुद्रा में नंदी की तरह बैठना होता है।
  • हाथ की पहली और आखिरी उंगली सीधी रहती है।
  • बीच की दो उंगलियों को अंगूठे के साथ जोड़कर एक विशेष प्रतीकात्मक मुद्रा बनाई जाती है।

मान्यता है कि इस मुद्रा में की गई पूजा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होती है, और इस अवस्था में मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।

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महिलाओं के लिए शिव पूजा की सही विधि

  • महिलाओं को प्रतिदिन या कम से कम प्रत्येक सोमवार शिवजी की पूजा करनी चाहिए।
  • सुबह स्नान करने के बाद शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  • जल के बाद पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करें।
  • पूजा में अक्षत, फल, फूल, धूप, दीप शामिल करें।
  • शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है, इसलिए इसे अवश्य अर्पित करें।

शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए?

शिव पूजा हमेशा गणेश पूजा से शुरू की जाती है। इसके बाद जल अर्पित किया जाता है, फिर दूध, दही और शहद से अभिषेक, अंत में बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूल आदि अर्पित किए जाते हैं।

Shivling ki puja kasie kare tips should women keep these rules in mind during shivalinga worship

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Published On: Dec 02, 2025 | 05:42 PM

Topics:  

  • Religion
  • Sanatan Hindu religion
  • Shivling Puja

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