आज मनाई जा रही है शीतला सप्तमी, गलती से भी न करें ये काम, वरना पड़ेगा बहुत भारी!
Sheetla Mata Ashtami: शीतला सप्तमी के दिन माता शीतला की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन कुछ काम करने से बचना चाहिए, वहीं कुछ उपाय करने से माता की कृपा और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
- Written By: सीमा कुमारी
माता शीतला की पूजा (सौ.सोशल मीडिया)
Sheetala Ashtami Kab Hai 2026: आरोग्य, स्वच्छता और शीतलता की देवी माता शीतला को समर्पित शीतला सप्तमी का व्रत हर साल चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की सप्तमी को मनाया जाता है। इस साल यह पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। कुछ स्थानों पर शीतला सप्तमी का व्रत 10 मार्च को मनाया जाएगा, जबकि कई जगहों पर यह पर्व आज 11 मार्च को मनाया जा रहा है।
शीतला सप्तमी व्रत का धार्मिक महत्व
धर्म ग्रथों में माता शीतला को रोगों से रक्षा करने वाली देवी बताया गया है। खासकर चेचक, खसरा, फोड़े-फुंसी और त्वचा से जुड़े रोगों से बचाव के लिए उनकी पूजा की जाती है। बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों से बचने के लिए भी इस व्रत का विशेष महत्व बताया गया है।
शीतलाष्टमी व्रत के दिन ऐसे करें पूजा
शास्त्रों के अनुसार शीतला माता को समर्पित बसौड़ा की पूजा करने के लिए सूर्योदय से पहले उठें और स्नान-ध्यान करने के बाद इस व्रत को विधि-विधान से करने का संकल्प करें। इस व्रत में देवी शीतला की भोग सामग्री एक दिन पूर्व ही बना लें।
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शीतला माता के इस व्रत में माता को भोग लगाने के लिए दाल-भात, मालपुआ, मिठाई, फल आदि अर्पित किया जाता है। देवी शीतला की कृपा पाने के लिए साधक को पूजा में इस व्रत की कथा और शीतला स्तोत्र का पाठ अवश्य करना चाहिए। पूजा के अंत में आरती करने के बाद साधक को भूल-चूक के लिए क्षमा प्रार्थना करते हुए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगना चाहिए।
शीतला सप्तमी पर आज भूलकर भी न करें ये काम
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चूल्हा न जलाएं
धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ताज़ा भोजन नहीं बनाना चाहिए। एक दिन पहले बना हुआ बासी भोजन ही माता शीतला को भोग लगाया और खाया जाता है।
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गर्म पानी से स्नान न करें
कहा जाता है कि, इस दिन गर्म पानी से नही नहाना चाहिए। बल्कि ठंडे पानी से नहाना चाहिए। इस दिन गर्म पानी का प्रयोग वर्जित है।
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सिलाई-कढ़ाई न करें
इस दिन सुई-धागे का काम करना इस दिन अशुभ माना जाता है।
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झाड़ू न लगाएं
पूजा के दिन घर में झाड़ू लगाने की मनाही है।
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गधे को न सताएं
गधा माता शीतला का वाहन है, उसे परेशान न करें।
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तामसिक भोजन से बचें
लहसुन, प्याज या मांसाहार का सेवन न करें।
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विवाद न करें
घर में शांति रखें और गुस्सा करने से बचें।
इन नियमों का पालन कर आप स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि पा सकते हैं।
