फुलेरा दूज (सौ.सोशल मीडिया)
Phulera Dooj Par Kya Upay Kare: आज फुलेरा दूज मनाई जा रही है। यह पवित्र एवं शुभ दिन फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को हर साल मनाया आता है। फुलेरा दूज का पर्व श्री राधा रानी और भगवान श्रीकृष्ण के विवाह उत्सव की याद में मनाया जाता है।
जैसा कि,जानते हैं कि यह त्योहार बसंत पंचमी और होली के बीच पड़ता है। मान्यता है कि फुलेरा दूज के दिन सच्चे मन से श्री राधा कृष्ण की पूजा करने से जीवन में प्रेम और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से भक्तों को दिव्य आशीर्वाद मिलता है।
शास्त्रों के अनुसार, फुलेरा दूज के दिन से होली की शुरुआत मानी जाती है, इसलिए राधा कृष्ण को गुलाल चढ़ाना बहुत शुभ होता है। उनके चरणों में थोड़ा अबीर या गुलाल लगाएं और फिर वही गुलाल अपने माथे पर प्रसाद के रूप में लगाएं।
यह उपाय खासकर उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनके वैवाहिक जीवन में तनाव चल रहा है। इससे रिश्तों में फिर से मिठास और रंग लौट आते हैं।
ज्योतिषयों का कहना है कि, अगर आप आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं या करियर में सफलता चाहते हैं तो इस दिन पीले कपड़े या पीली वस्तुओं का दान करें। भगवान कृष्ण को पीला रंग प्रिय है।
पीले कपड़े, चने की दाल या फल मंदिर में या किसी जरूरतमंद को दान करने से कुंडली के दोष शांत होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। यह उपाय आपकी मेहनत को सही दिशा देता है।
फुलेरा दूज के शुभ अवसर पर श्री राधा रानी और भगवान कृष्ण को ताजे और सुगंधित फूलों से श्रृंगार करें। खासकर लाल, पीले और सफेद फूलों की सुंदर माला बनाकर श्री किशोरी जी और लाल जी को अर्पित करें।
धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, जो भी भक्त इस दिन निश्छल मन से प्रभु को फूल अर्पित करते हैं, उनके घर में हमेशा खुशियों की महक बनी रहती है और सकारात्मक वातावरण रहता है।
फुलेरा दूज के दिन शांत मन से बैठकर ओम श्री राधिकाकृष्णाय नमः या राधे कृष्ण मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। यह मंत्र भगवान से सीधा जुड़ाव बनाता है। इस दिन मंत्र जाप करने से मन को शांति मिलती है और समस्याएं दूर होती हैं। यदि कोई विशेष मनोकामना हो तो इस दिन की गई प्रार्थना अवश्य फल देती है।
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फुलेरा दूज के दिन श्री राधा रानी को श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करना बेहद शुभ होता है। जिन युवतियों के विवाह में बाधाएं आ रही हैं, वे इस दिन राधा रानी को सोलह श्रृंगार की वस्तुएं जैसे चूड़ी, कुमकुम, मेहंदी आदि अर्पित करें।
पूजा के बाद एक वस्तु जैसे चूड़ी या बिंदी प्रसाद के रूप में अपने पास रखें और बाकी वस्तुएं किसी सुहागन महिला को दान कर दें। माना जाता है कि इस उपाय से श्री किशोरी जी के आशीर्वाद से शीघ्र विवाह के योग बनते हैं।