(सौजन्य सोशल मीडिया)
भगवान शिव को समर्पित सावन के पवित्र महीने में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाते हैं। इनमें एक है ‘प्रदोष व्रत’। यह पर्व हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार सावन महीने का पहला ‘प्रदोष व्रत’ 1 अगस्त, गुरुवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन महीने में भगवान शिव की उपासना करने से सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। भगवान शिव की उपासना के लिए प्रदोष व्रत को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
धार्मिक मत है कि प्रदोष व्रत करने से जातक की सभी मनोकानाएं जल्द पूरी होती हैं। इस दिन भगवान शिव की उपासना करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन शिवलिंग पर कुछ विशेष वस्तुएं अर्पित करने से साधक के जीवन में शिव कृपा बरसती है। तो आइए जान लें कि प्रदोष व्रत में शिवलिंग पूजा में किन वस्तुओं को अर्पित करने से जातक को विशेष लाभ मिल सकता है-
अगर आप जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति चाहते हैं, तो प्रदोष व्रत के दिन विधिपूर्वक शिव जी की पूजा करें और शिवलिंग पर केसर चढ़ाएं। इसके अलावा, घर की दरिद्रता को दूर करने के लिए शिवलिंग पर शक्कर अर्पित करें। इससे साधक को शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
सनातन धर्म में पूजा-पाठ के दौरान सुपारी का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में आप प्रदोष व्रत पर शिवलिंग का रुद्राभिषेक कर सुपारी अर्पित करें। इससे जातक के जीवन में आ रही समस्याएं दूर होती हैं।
प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान कर महादेव की पूजा करनी चाहिए। इस दौरान शिवलिंग पर घी, शहद, दूध, दही और गंगाजल अर्पित करना अधिक शुभ माना जाता है। व्रत में शिव जी को घी, शक्कर और गेहूं के आटे से बनी चीजों का भोग लगाएं। ऐसा करने से साधक को आरोग्य की प्राप्ति होती है।
शास्त्रों के अनुसार, शिव पूजा के समय जातक का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। इस दिशा को पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान पंचाक्षरी मंत्र का जप कर जल अर्पित करें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि जल चढ़ाते समय धारा टूटनी नहीं चाहिए। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के लिए तांबे, चांदी और कांसे के पात्र का इस्तेमाल करना चाहिए।
लेखिका- सीमा कुमारी