तुलसी माला पहनने के नियम जान लें, कहीं उल्टा न पड़ जाए, इसके लाभ भी पढ़ें
Tulsi Mala Wearing Rules:अधिकतर हिन्दू भक्त तुलसी की माला पहनते करते हैं। कहा जाता है कि इसे धारण करने से देवी-देवता की असीम कृपा होती हैं वही इसके कुछ नियम भी हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
तुलसी की माला धारण करने के नियम (सौ.सोशल मीडिया)
Tulsi Ki Mala Ke Niyam Kya Kya Hote Hain :धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से हिंदू धर्म में तुलसी का बहुत अधिक महत्व है। इसे देवी लक्ष्मी का प्रतीक और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है, इसलिए बिना तुलसी के उनकी पूजा अधूरी होती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने और उसकी पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा आती है, सुख-समृद्धि बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इसके अतिरिक्त, यह औषधीय गुणों से भरपूर है और स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।
हिन्दू मान्यता के अनुसार, यही नहीं तुलसी की माला का भी विशेष महत्व है। अधिकतर विष्णु भक्त तुलसी की माला धारण करते है। कहा जाता है कि इसे पहनने से मां लक्ष्मी के संग भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यदि आप भी तुलसी माला पहनने का विचार बना रहे हैं, तो माला पहनने से जुड़े नियम का पालन करें। इससे जीवन में कोई संकट नहीं आता है। ऐसे में आइए इस खबर में हम आपको बताएंगे कि कब और कैसे पहने तुलसी माला।
तुलसी की माला धारण करने के नियम-
इन जगहों पर जाना वर्जित
ज्योतिषयों के अनुसार, तुलसी की माला धारण करने वालों को श्मशान घाट पर जाना और अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होना चाहिए। कहते है किसी कारणवश अगर इन जगहों पर जाना पड़े तो तुलसी की माला को पहले उतारकर गंगा जल में डुबोकर रखना चाहिए। वापस आने के बाद शुद्धता से नाखून काटने और बाल धोकर नहाने के बाद धारण करना चाहिए।
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तामसिक भोजन की मनाही
तुलसी की माला पहनने वाले लोगों को तामसिक भोजन खाने की पूरी तरह की मनाही होती है। इससे तुलसी का अपमान होता है। कहा जाता है कि, तुलसी की माला पहनने के बाद हमेशा सात्विक भोजन ही करना चाहिए। उन्हें मांस मदिरा से लेकर प्याज लहसुन नहीं खाना चाहिए। ऐसे लोगों को सिगरेट या धूम्रपान की दूसरी आदतों से भी दूर रहना चाहिए।
कब नहीं पहननी चाहिए तुलसी माला
अमावस्या के दिन शुभ और मांगलिक काम करने की मनाही है। इसलिए अमावस्या और रविवार को तुलसी माला न पहनने की सलाह दी जाती है।
कब तुलसी माला पहनना शुभ
शास्त्रों के अनुसार, तुलसी माला पहनने के लिए सोमवार, गुरुवार, बुधवार और एकादशी का दिन शुभ माना जाता है। इसके अलावा आप किसी ज्योतिषी की भी सलाह ले सकते हैं।
कहा जाता है कि, तुलसी माला पहनने से पहले उसे सर्वप्रथम गंगाजल से शुद्ध करें। इसके बाद थोड़ी देर माला को भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी के सामने रखें। इसके बाद मां लक्ष्मी का ध्यान करें और माला धारण करें।
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तुलसी माला धारण करने से मिलते हैं ये लाभ
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी माला पहनने से मानसिक शांति मिलती है।
- जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
- नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिलता है।
- सकारात्मक विचारों में वृद्धि होती है।
- जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
- ध्यान में सहायता मिलती है।
- आर्थिक तंगी की समस्या से छुटकारा मिलता है।
