रथ सप्तमी (सौ.सोशल मीडिया)
Ratha Saptami 2026 Date: 25 जनवरी को ‘रथ सप्तमी’ मनाई जा रही है। रथ सप्तमी हिंदू धर्म के सबसे प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। ज्योतिष विशेषज्ञ के अनुसार, इस बार माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार के दिन पड़ रही है, इसलिए ये रथ सप्तमी कही जाएगी। इस दिन 5 शुभ संयोग बन रहे हैं और सूर्य दोष निवारण के लिए यह बहुत शुभ माना जाता है।
यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है तो उसके निवारण के लिए यह बहुत अच्छा दिन है। ऐसे में आइए जानते हैं कि रथ सप्तमी कब है? रथ सप्तमी पर कौन से 5 शुभ संयोग बन रहे हैं और सूर्य दोष उपाय क्या हैं?
ज्योतिष गणना के अनुसार,माघ शुक्ल सप्तमी 24 जनवरी 2026 की रात 12:39 बजे से शुरू हो रही है। यह तिथि 25 जनवरी 2026 की रात 11:10 बजे तक रहेगी। उदयतिथि के अनुसार रथ सप्तमी 25 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।
रथ सप्तमी सूर्य पूजन मुहूर्त (2026)
सूर्योदय: 07:13 बजे
स्नान मुहूर्त: पवित्र नदी में स्नान
05:26 बजे से शुरू होकर 07:13 बजे तक
रथ सप्तमी के दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग सुबह 07:13 बजे से दोपहर 01:35 बजे तक रहेगा। रवि योग में सूर्य देव का प्रभाव बहुत प्रबल माना जाता है, जिससे कई प्रकार के ग्रह दोष दूर होते हैं।
इस दिन दोपहर 01:35 बजे से लेकर 26 जनवरी सुबह 07:12 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की मान्यता है। यह अत्यंत शुभ योग माना जाता है।
रथ सप्तमी पर सिद्ध योग प्रातःकाल से लेकर सुबह 11:46 बजे तक रहेगा। यह योग ध्यान, जप, योग और साधना के लिए बहुत अच्छा माना जाता है।
साध्य योग सुबह 11:46 बजे से शुरू होकर 26 जनवरी को सुबह 09:11 बजे तक रहेगा। यह योग भी कार्यों में सफलता और मनोकामना पूर्ति के लिए शुभ माना जाता है।
रथ सप्तमी के दिन प्रातःकाल से दोपहर 01:35 बजे तक रेवती नक्षत्र रहेगा, इसके बाद अश्विनी नक्षत्र प्रारंभ होगा। रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं और इस नक्षत्र में शुभ कार्य करना विशेष फलदायी माना जाता है।
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रथ सप्तमी पर सूर्य दोष के निवारण के लिए व्रत रखना शुभ माना जाता है। स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, गुड़ और लाल फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें और सूर्य मंत्र का जाप करें। पूजा के बाद लाल वस्त्र, गुड़, गेहूं या तांबे का दान करें। सूर्य दोष कम करने के लिए ज्योतिषीय सलाह से माणिक्य धारण किया जा सकता है।