राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे प्रतीकात्मक तस्वीर (सौ. एआई)
Horoscope Future Prediction: महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे शब्द सिर्फ एक नाम नहीं बल्कि एक विचार और विरासत है। हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की इस विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी उनके पुत्र उद्धव ठाकरे और भतीजे राज ठाकरे के कंधों पर है। वर्तमान राजनीतिक उठापटक के बीच अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या ये दोनों भाई कभी एक होंगे? ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार दोनों की कुंडलियां इस मिलन और राजनीतिक भविष्य को लेकर कुछ अलग ही संकेत दे रही हैं।
राज ठाकरे का जन्म 14 जून 1968 को वृश्चिक लग्न और मकर राशि में हुआ। उनकी कुंडली के आठवें भाव में सूर्य, बुध और मंगल की युति है। ज्योतिषशास्त्र में इसे कौशल विकास और तीव्र नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है। हालांकि यह युति अहंकार में वृद्धि भी करती है जो कार्यों में अवरोध पैदा कर सकती है। आठवें भाव में मंगल के होने से क्रोध की अधिकता रहती है जिससे संवैधानिक पक्ष और सामाजिक प्रभाव मजबूत होने में देरी होती है। साथ ही भाई से विरोध के योग भी यही ग्रह निर्मित करते हैं।
राज ठाकरे की कुंडली के पांचवें भाव में शनि और राहु की युति है जो श्रापित योग का निर्माण करती है। यह एक अशुभ योग माना जाता है जो करियर में निराशा और वाणी के प्रभाव को कमजोर करता है। शनि की महादशा साल 2030 तक चलेगी जिसके कारण अगले कुछ वर्षों तक उन्हें कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है। हालांकि शुक्र के सातवें भाव में स्वगृही होने के कारण उन्हें व्यापारिक लाभ और विलासिता पूर्ण जीवन प्राप्त होगा लेकिन राजनीतिक सफलता के लिए उन्हें अपने नेतृत्व और व्यवहार की कुटिलता पर काम करना होगा।
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उद्धव ठाकरे का जन्म 27 जुलाई 1960 को कन्या लग्न और सिंह राशि में हुआ। उनकी कुंडली में ग्रहों की स्थिति उन्हें एक ईमानदार और तपस्वी व्यक्तित्व प्रदान करती है। गुरु और शनि चौथे भाव में बैठकर उन्हें स्थिरता देते हैं। वर्तमान में उनकी कुंडली में गुरु की महादशा चल रही है। मंगल की अंतर्दशा 24 जुलाई 2026 तक रहेगी जिसके बाद राहु की अंतर्दशा शुरू होगी। दिसंबर 2028 तक का समय उनके लिए राजनीतिक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है जहां नेतृत्व क्षमता और सामाजिक प्रभाव में अस्थाई गिरावट देखी जा सकती है।
कुंडली प्रतीकात्मक (सौ. फ्रीपिक)
जब बात बाल साहेब की विरासत संभालने की आती है तो ज्योतिषीय गणना बताती है कि उद्धव ठाकरे अपने शांत स्वभाव और ग्रहों की अनुकूलता के कारण पिता की विरासत को संभालने में अधिक सफल रहेंगे। विशेषकर 2028 के बाद उनका राजनीतिक ग्राफ काफी मजबूत होगा।
वहीं राज और उद्धव के गठबंधन की बात करें तो ग्रहों के योग कुछ खास सकारात्मक नजर नहीं आते। राज ठाकरे की कुंडली के अनुसार वे अपनी पार्टी का विलय नहीं करेंगे। यदि दोनों भाई मिलकर कार्य करने का प्रयास भी करते हैं तो भी राजनीतिक रूप से यह जोड़ी हिट होने में असफल रह सकती है। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से यदि वे किसी भी तरह का गठबंधन करते हैं तो उनके राजनीतिक अस्तित्व और चेहरे की चमक फीकी पड़ने का खतरा है।
राज ठाकरे के लिए आने वाले 10 साल संघर्षपूर्ण रहने वाले हैं। उन्हें अपनी वाणी और क्रोध पर नियंत्रण रखकर पारिवारिक पार्टी के साथ समन्वय बिठाना होगा। दूसरी ओर उद्धव ठाकरे मुंबई और महाराष्ट्र की राजनीति में अपना प्रभाव बनाए रखने में कामयाब होंगे। विरासत की इस लड़ाई में ग्रहों का खेल फिलहाल उद्धव के पक्ष में अधिक झुकता नजर आ रहा है जबकि राज ठाकरे को अपनी श्रापित योग वाली बाधाओं को पार करने के लिए कड़ा परिश्रम करना होगा।