Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

क्या आप जानते हैं? श्रीकृष्ण को विष पिलाने वाली पूतना पहले जन्म में थी राजकुमारी!

Putana Previous Birth: पूतना जिसे हम श्रीकृष्ण को मारने आई राक्षसी के रूप में जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पूतना पिछले जन्म में एक राजकुमारी भी जिनको एक श्राप के कारण ये रूप लेना पड़ा।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Mar 02, 2026 | 05:33 PM

Putana (Source. X)

Follow Us
Close
Follow Us:

Who Was Putana: भारतीय पुराणों में वर्णित कथाएं सिर्फ आस्था ही नहीं, बल्कि गहरे रहस्य भी समेटे हुए हैं। ऐसी ही एक कथा है ‘पूतना’ की, जिसे हम श्रीकृष्ण को मारने आई राक्षसी के रूप में जानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही पूतना अपने पूर्व जन्म में एक राजकुमारी थी? आइए जानते हैं इस रहस्यमयी प्रसंग की पूरी कहानी।

कंस की साजिश और गोकुल में पूतना का प्रवेश

जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, तब मथुरा का अत्याचारी राजा कंस भय से कांप उठा। भविष्यवाणी के अनुसार श्रीकृष्ण ही उसका वध करने वाले थे। इसी डर से कंस ने पूतना नामक राक्षसी को गोकुल भेजा। पूतना ने अपने स्तनों पर घातक विष का लेप लगाया और मासूम बालकों को मारने के इरादे से गोकुल पहुंची। वह नंद भवन में पहुंचकर बालकृष्ण को गोद में उठा लेती है और उन्हें स्तनपान कराने लगती है। लेकिन श्रीकृष्ण उसकी माया को पहचान लेते हैं। उन्होंने केवल दूध ही नहीं, बल्कि उसके प्राण भी खींच लिए। अंत समय में पूतना अपने भयानक रूप में आ गई, पर तब तक श्रीकृष्ण उसे निर्जीव कर चुके थे।

पूर्व जन्म में कौन थी पूतना?

पुराणों के अनुसार, पूतना पूर्व जन्म में रत्नमाला नाम की राजकुमारी थी। वह दैत्यराज राजा बलि की पुत्री थी। जब भगवान वामन देव ने राजा बलि को परखने के लिए वामन अवतार लिया, तब रत्नमाला भी वहां उपस्थित थी। बालक वामन की सुंदर और मोहक छवि देखकर उसके मन में ममत्व जाग उठा। उसने सोचा “यदि ऐसा मेरा पुत्र होता तो मैं उसे गोद में लेकर दुग्धपान कराती।” वामन देव उसके मन का भाव जान गए और “तथास्तु” कह दिया।

सम्बंधित ख़बरें

चिंता क्यों करते हो? मस्ती में रहो! जानिए कैसे बदलेगा जीवन का रुख, Shri Premanand Ji Maharaj का संदेश

क्या सच में आठ यक्षिणियाँ देती हैं धन, प्रेम और सिद्धि? जानिए तांत्रिक परंपरा का रहस्यमय सच

क्या आप जानते हैं? वृंदावन छोड़ने के बाद भगवान श्री कृष्ण ने दोबारा मुरली क्यों नहीं बजाई

घर-गृहस्थी में रहते हुए आलस्य कैसे खत्म करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया नाम जप और वैराग्य का सरल मंत्र

एक ही मन में जन्मे दो भाव

जब वामन देव ने तीन पग भूमि दान में मांगी और विराट रूप धारण कर लिया, तब उन्होंने एक पग में आकाश, दूसरे में पृथ्वी नाप ली और तीसरे पग में राजा बलि को पाताल भेज दिया। यह दृश्य देखकर रत्नमाला के मन में क्रोध भर गया। उसके मन में विचार आया “अगर ऐसा मेरा पुत्र होता तो मैं इसे विष देकर मार देती।” वामन देव ने उसके इस भाव को भी जान लिया और पुनः तथास्तु कह दिया।

ये भी पढ़े: चिंता क्यों करते हो? मस्ती में रहो! जानिए कैसे बदलेगा जीवन का रुख, Shri Premanand Ji Maharaj का संदेश

कृष्णावतार में पूरी हुई भविष्यवाणी

इसी कारण द्वापर युग में रत्नमाला ने पूतना के रूप में जन्म लिया। उसे भगवान श्रीकृष्ण को स्तनपान कराने और विष देने, दोनों का अवसर मिला। इस प्रकार वामन देव के दोनों वरदान श्रीकृष्ण के अवतार में पूर्ण हुए। अंततः स्वयं नारायण के हाथों मृत्यु पाकर पूतना को मोक्ष की प्राप्ति हुई और वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो गई।

Putana who poisoned lord krishna was a princess in her previous birth

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 02, 2026 | 05:33 PM

Topics:  

  • Lord Krishna
  • Mahabharat
  • Spiritual

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.