Premanand Maharaj: प्रेमानंद महाराज कौन हैं? विराट-अनुष्का से बॉलीवुड तक क्यों मानते हैं इनकी बात

Premanand Maharaj Ki Kahani: प्रेमानंद महाराज कौन हैं और विराट कोहली-अनुष्का शर्मा समेत बॉलीवुड के सितारे उनसे मिलने वृंदावन क्यों पहुंचते हैं? जानें उनका आध्यात्मिक सफर और लोकप्रियता की पूरी कहानी।
Premanand maharaj kaun hain virat anushka kyon jaate hain.
प्रेमानंद महाराज जीफोटो.सोशल मीडिया
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Premanand Maharaj Story: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज इन दिनों देश भर में चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर अकसर प्रेमानंद महाराज के सत्संग और प्रवचन के छोटे-छोटे वीडियो लगातार वायरल होते रहते हैं। आम लोगों से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा और बॉलीवुड के कई सितारे भी उनसे मिलने वृंदावन जाते रहते हैं।

आइए जानते हैं प्रेमानंद महाराज की पूरी कहानी और उनकी लोकप्रियता की वजह।

कौन हैं प्रेमानंद महाराज?

प्रेमानंद महाराज का पूरा नाम श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण महाराज है। उनका जन्म उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के अखरी गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ। उनके बचपन का नाम अनिरुद्ध कुमार पांडेय था। उनके परिवार में पहले से ही संतों और धार्मिक साधना का माहौल था। उनके दादा संन्यासी थे, जबकि उनके पिता भी बाद में संन्यास की ओर चले गए।

बताया जाता है कि बचपन से ही उनका झुकाव आध्यात्मिकता की ओर था। पांचवीं कक्षा में उन्होंने धार्मिक ग्रंथ पढ़ने शुरू किए और छोटी उम्र में ही जीवन, मृत्यु और ईश्वर से जुड़े सवाल उन्हें परेशान करने लगे थे। करीब 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने घर छोड़ दिया और आध्यात्मिक जीवन की ओर निकल पड़े। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मचर्य और फिर संन्यास की दीक्षा ली।

बनारस के घाटों से वृंदावन तक पहुंची आध्यात्मिक यात्रा

प्रेमानंद महाराज की जीवन यात्रा का बड़ा हिस्सा वाराणसी और गंगा के घाटों से जुड़ा रहा। आधिकारिक जीवनी के अनुसार उन्होंने लंबे समय तक साधना और तपस्या का जीवन बिताया। बाद में उनका झुकाव वृंदावन और राधा-कृष्ण भक्ति की ओर हुआ।

वृंदावन पहुंचने के बाद उनका संबंध राधा वल्लभ संप्रदाय से हुआ। उन्हें श्री हित हरिवंश महाप्रभु की परंपरा से जुड़ी साधना और सहचरी भाव की दीक्षा मिली। उनके गुरु श्री हित गौरांगी शरण जी महाराज बताए हैं, जिनकी सेवा में उन्होंने लगभग 10 वर्ष बिताए।

महाराज जी की लोकप्रियता का कारण

प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनकी सरल भाषा और रोजमर्रा की समस्याओं पर सीधी बातचीत है। उनके प्रवचनों का मुख्य आधार नाम जप, भक्ति, प्रेम, संयम और मन पर नियंत्रण है।

विराट कोहली और अनुष्का शर्मा भी है प्रेमानंद के भक्त

प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता को देशभर में चर्चा मिलने की सबसे बड़ी वजह विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की उनसे हुई मुलाकात हैं। जनवरी 2023 में विराट और अनुष्का अपनी बेटी वामिका के साथ पहली बार वृंदावन पहुंचे थे और प्रेमानंद महाराज के सत्संग में शामिल हुए थे।

इसके बाद जनवरी 2025 में दोनों एक बार फिर उनके आश्रम पहुंचे। उस मुलाकात में अनुष्का ने अपने मन में चल रहे सवालों की बात की थी। विराट ने भी जीवन और असफलता से जुड़े सवाल पूछे थे। इसके बाद भी दोनों की वृंदावन यात्राएं जारी रहीं।

बॉलीवुड के कई सितारे भी पहुंच चुके हैं आश्रम

प्रेमानंद महाराज से मिलने वालों में हेमा मालिनी, आशुतोष राणा, मीका सिंह, बी प्राक और रवि किशन समेत कई चर्चित नाम शामिल हैं। 2025 में शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा की मुलाकात भी चर्चा में रही। इस दौरान राज कुंद्रा ने महाराज की किडनी की बीमारी का जिक्र करते हुए अपनी किडनी देने की पेशकश की थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

सिर्फ सेलिब्रिटी ही नहीं, युवाओं में भी लोकप्रिय हैं महाराज

प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सोशल मीडिया है। प्रेमानंद महाराज के सत्संग से कुछ सेकंड या कुछ मिनट के वीडियो क्लिप बनाकर इंस्टाग्राम, यूट्यूब और दूसरे प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाते हैं। इन वीडियो में अक्सर रिश्तों, गुस्से, तनाव, असफलता, परिवार और मन की बेचैनी जैसे विषय होते हैं। यही विषय युवाओं और कामकाजी लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से सीधे जुड़े हैं।

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प्रेमानंद महाराज की सबसे बड़ी सीख क्या है?

  • नाम जप- राधा नाम का स्मरण उनकी साधना का आधार है।

  • प्रेम से भक्ति- उनके संदेशों में डर की बजाय प्रेम और समर्पण के जरिए ईश्वर से जुड़ने पर जोर मिलता है।

  • मन पर नियंत्रण- क्रोध, चिंता और इच्छाओं के बीच मन को भटकने से रोकने की बात उनके सत्संग का अहम हिस्सा है।

  • गृहस्थ जीवन और जिम्मेदारी- आध्यात्मिक जीवन का मतलब जरूरी नहीं कि परिवार और जिम्मेदारियां छोड़ दी जाएं। गृहस्थ व्यक्ति अपने कर्तव्यों के बीच भी साधना कर सकता है।

  • सादगी- उनकी लोकप्रियता के बावजूद उनके सत्संग में बार-बार साधारण जीवन और भक्ति पर लौटने का संदेश मिलता है।

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