12 जुलाई का महाशुभ संयोग! एक ही दिन करें प्रदोष, शिवरात्रि और रविवार व्रत, मिल सकता है कई गुना पुण्यफल
Pradosh Vrat 2026 Religious Significance : 12 जुलाई 2026 को प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और रविवार व्रत का दुर्लभ संयोग बन रहा है। जानिए इस शुभ संयोग का महत्व और पूजा विधि।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
Pradosh Shivratri Raviwar Coincidence :12 जुलाई 2026, रविवार का दिन भगवान शिव के भक्तों के लिए बेहद विशेष माना जा रहा है। इस दिन रवि प्रदोष व्रत और आषाढ़ मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग बन रहा है। साथ ही रविवार होने के कारण सूर्य देव की उपासना का भी शुभ अवसर प्राप्त होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से भगवान शिव की कृपा के साथ सूर्य देव का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। आइए जानते हैं इस शुभ दिन का महत्व, पूजा का समय और प्रमुख मुहूर्त।
एक ही दिन तीन शुभ अवसर, क्यों माना जा रहा है इतना खास?
12 जुलाई को एक ही दिन रवि प्रदोष व्रत, आषाढ़ मासिक शिवरात्रि और रविवार व्रत का संयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान शिव की आराधना करने से पापों का क्षय होता है, कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। रविवार होने के कारण सूर्य देव की पूजा का पुण्य भी प्राप्त होता है।
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पंचांग के अनुसार कैसे बन रहा है यह दुर्लभ संयोग?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी तिथि 12 जुलाई को प्रातः 2:04 बजे से रात 10:29 बजे तक रहेगी। इसके बाद कृष्ण चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होगी, जो 13 जुलाई को शाम 6:49 बजे तक रहेगी।
उदयातिथि और प्रदोष काल के आधार पर प्रदोष व्रत 12 जुलाई को रखा जाएगा। वहीं मासिक शिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाती है, जो इस बार 12 जुलाई की रात्रि में ही प्राप्त हो रही है। इसी कारण दोनों व्रत एक ही दिन किए जाएंगे।
इस तरह करें व्रत, मिलेगा कई शुभ फलों का लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और भगवान शिव की पूजा तथा व्रत का संकल्प लें। पूरे दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक उपवास रखें तथा प्रदोष काल में शिवलिंग का जलाभिषेक, पूजन और मंत्र जाप करें। रविवार होने के कारण सूर्य देव को अर्घ्य देना भी शुभ माना गया है।
जान लें पूजा के सबसे शुभ मुहूर्त
प्रदोष पूजा का शुभ समय: शाम 7:22 बजे से रात 9:24 बजे तक
मासिक शिवरात्रि पूजा का शुभ समय: सुबह 7:15 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
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12 जुलाई के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:10 बजे से 4:51 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:54 बजे तक
- लाभ-उन्नति मुहूर्त: सुबह 8:59 बजे से 10:43 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- शुभ-उत्तम मुहूर्त: शाम 7:22 बजे से 8:38 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त: रात 8:38 बजे से 9:54 बजे तक
इन दो शुभ योगों से और बढ़ जाएगा व्रत का महत्व
12 जुलाई को पूरे दिन दो शुभ योगों का भी संयोग रहेगा। वृद्धि योग प्रातःकाल से रात 8:06 बजे तक रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों में वृद्धि और उन्नति होती है। इसके बाद ध्रुव योग प्रारंभ होगा, जिसे स्थायी और दीर्घकालिक शुभ कार्यों के लिए अत्यंत मंगलकारी माना गया है। ऐसे में इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया व्रत एवं पूजन विशेष फलदायी माना जाता है।
