लड्डू मार होली (सौ.सोशल मीडिया)
Lathmar Holi Kab Hai 2026: हिन्दू धर्म में होली एक ऐसा त्योहार है, जिसका बच्चों से लेकर बड़ों तक हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। हर साल फाल्गुन महीने की पूर्णिमा के दिन मनाया जाने वाला रंगों का त्योहार होली की धूम पूरे देशभर में देखने को मिलते हैं, लेकिन ब्रज की होली क्या कहने।
जैसा कि जानते है कि, ब्रज में होली की शुरुआत वंसत पंचमी के साथ ही हो जाती है। जो की इस बार 23 जनवरी से हो चुकी है। होली से पहले बरसाना और नंदगांव में लड्डू मार और लठमार होली खेली जाती है।
बता दें, बरसाना और नंदगांव में खेली जाने वाली होली रंगों से न खेल कर बल्कि लड्डू से खेली जाती है।
लड्डू मार होली के दौरान भक्तों पर लड्डुओं की वर्षा की जाती है, लेकिन क्या आपका पता है कि आखिर कैसे हुई लड्डू मार होली की शुरुआत हुई। अगर नहीं पता है, तो आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, इस साल बरसाना के श्रीराधा रानी के मंदिर में 25 फरवरी को लड्डू मार होली का पर्व मनाया जाएगा। इसके अगले यानी दूसरे दिन 26 फरवरी को लठ्मार होली खेली जाएगी। इस दिन ब्रज की रौनक होली देखने लायक होती हैं।
पौराणिक कथा के अनुसार, लड्डू मार की शुरुआत द्वापर युग से हुई। द्वापर युग में श्रीराधा रानी के पिता वृषभानु जी ने कृष्ण जी के गांव नंदगांव में होली खेलने का निमंत्रण भेजा। उनके निमंत्रण को भगवान श्रीकृष्ण ने स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने एक पंडा को बरसाना भेजा।
जब बात का पता चला कि बरसाना भवान श्रीकृष्ण होली खेलने आएंगे, तो गोपियां खुशी से झूम उठीं और उन्होंने अत्यधिक खुशी में पंडा जी पर लड्डू फेंकना शुरू कर दिया और पंडा ने भी गोपियों पर लड्डू फेकें। ऐसा माना जाता है कि तभी से लड्डू मार होली की शुरुआत हुई।
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