फुलेरा दूज (सौ.सोशल मीडिया)
Lord Krishna Radha Rani Love Festival : आज यानी 19 फरवरी को फुलेरा दूज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हर साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन फुलेरा दूज का त्योहार मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, ये पावन पर्व भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित है।
फुलेरा दूज पर्व की धूम मथुरा, वृंदावन और पूरे ब्रज में देखी जाती है। हिंदू धर्म शास्त्रों में फुलेरा दूज की पूजा और व्रत के नियम बताए गए है। साथ ही इस दिन कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि फुलेरा दूज के दिन क्या नहीं करना चाहिए?
हिन्दू धर्म ग्रथों के अनुसार, फुलेरा दूज के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन का सेवन न करें। इस दिन सात्विक भोजन ही करना चाहिए। इसके अलावा, अगर आप व्रत रख रहे हैं या विशेष अनुष्ठान कर रहे हैं, तो खाने में प्याज और लहसुन का प्रयोग न करें।
फुलेरा दूज का पर्व प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इसलिए घर में लड़ाई-झगड़े या किसी पर गुस्सा करने से बचना चाहिए। घर नें शांति बनाए रखें।
ऐसा कहा जाता है कि, इस दिन घर के बुजुर्गों और असहाय लोगों का अपमान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से पूजा का फल नहीं मिलता है। अगर आप भगवान कृष्ण और राधा रानी की कृपा पाना चाहते हैं, तो ऐसी गलती करने से बचना चाहिए।
फुलेरा दूज के दिन भूलकर भी पेड़-पौधों को ना काटें। क्योंकि, यह त्योहार प्रकृति और फूलों से जुड़ा है, इसलिए इस दिन पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं।
इस दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी का विधि-विधान से पूजन करें। इस त्योहार का नाम ‘फुलेरा’ है, इसलिए पूजा नें रंग-बिरंगे फूल जरूर शाम करें।
फुलेरा दूज के दिन भगवान कृष्ण को अबीर और गुलाल चढ़ाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे जीवन में प्यार के रंग भरते हैं।
भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बहुत प्रिय है। इसलिए पूजा के दौरान उन्हें माखन-मिश्री का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा आप उन्हें दूध से बनी मिठाइयां भी चढ़ा सकते हैं।
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अगर आप इस दिन कोई मांगलिक काम करना चाहते हैं, तो यह दिन बेहद शुभ है।
इस दिन पूजा के समय पीले रंग के कपड़े पहनने चाहिए, क्योंकि पीला रंग भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण को बहुत प्रिय है।