इस 'पिठोरी अमावस्या' पर करें ये उपाय, पितृदोष से मिलेगी मुक्ति, भाग्योदय के बनेंगे योग

Amavasya : भादो महीने में पड़ने वाले अमावस्या तिथि को पिठोरी अमावस्या कहा जाता हैं। इस दिन पितृ दोष मुक्ति के लिए कई उपाय भी किए जाते हैं जिससे पितरों का आशीर्वाद मिलता हैं।
इस 'पिठोरी अमावस्या' पर करें ये उपाय, पितृदोष से मिलेगी मुक्ति, भाग्योदय के बनेंगे योग
पिठोरी अमावस्या पर करें ये खास उपाय (सौ.डिजाइन फोटो)
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Pithori Amavasya 2025: 23अगस्त को पिठोरी अमावस्या मनाई जा रही है। इस अमावस्या का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है, जो भाद्रपद मास की अमावस्या को मनाई जाती है। यह दिन मुख्य रूप से माताओं द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि के लिए व्रत और पूजा करने के लिए समर्पित है।

इस दिन देवी दुर्गा के 64 योगिनियों के रूपों की पूजा की जाती है। माना जाता है कि इस व्रत को करने से संतान के जीवन से सभी कष्ट और बाधाएं दूर होती हैं। इसके साथ ही, इस अमावस्या को पितरों की शांति के लिए कुछ उपाय भी किए जाते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-

पिठोरी अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए करें ये खास उपाय :

  • श्राद्ध और तर्पण करें

पिठोरी अमावस्या पर पितृ दोष से मुक्ति के लिए सुबह स्नान करके पितरों के नाम से तिल, जल और पुष्प अर्पित करें। ऐसी मान्यता है कि तर्पण से पितर प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं।

  • पवित्र नदी में स्नान

इस दिन पितृदोष से मुक्ति के लिए गंगा, यमुना या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करके पितरों का स्मरण करना अत्यंत शुभ माना जाता हैं। यदि नदी स्नान संभव न हो तो घर पर गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

  • पीपल के वृक्ष की पूजा

इस दिन पिठोरी अमावस्या पर पीपल के वृक्ष की पूजा करके उसमें जल चढ़ाएं और दीपक जलाएं. यह उपाय पितृ दोष को शांत करता है।

  • गरीबों और ब्राह्मणों को भोजन कराएं

पिठोरी अमावस्या के दिन जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितरों को संतोष मिलता है और पितृ दोष दूर होता है।

  • तिल और अन्न का दान करें

तिल, चावल, आटा, कपड़ा और दक्षिणा का दान करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

क्या है पिठोरी अमावस्या का महत्व

आपको बता दें, सनातन धर्म में पिठोरी अमावस्या को मातृ अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन संतानवती महिलाएं देवी दुर्गा की पूजा कर उनसे अपनी संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करती है।

कहा जाता है कि, इस दिन पितरों का श्राद्ध करने से घर में सुख-शांति आती है और पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करके पितरों के लिए जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए श्राद्ध से पितर तृप्त होते हैं और परिवार पर खुशहाली का आशीर्वाद बरसाते हैं। पिठोरी अमावस्या पर दान और पुण्य कार्य करने से पापों का नाश होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

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