शनिवार को ‘गणाधिप संकष्टी चतुर्थी’, श्री गणेश को चढ़ाएं ये विशेष भोग, विघ्नों से मिलेगी मुक्ति
Ganadhipa Chaturthi: गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय भगवान गणेश को उनकी प्रिय चीजों का भोग भी अवश्य लगाना चाहिए। इससे बप्पा जल्द प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी दुखों से मुक्ति दिलाते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान गणेश को लगाएं उनके प्रिय भोग (सौ.सोशल मीडिया)
Ganadhipa Sankashti Chaturthi Significance: विघ्नहर्ता भगवान गणेश को समर्पित चतुर्थी तिथि हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस बार अगहन महीने की चतुर्थी तिथि, यानी गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत 8 नवंबर को है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से बप्पा भक्तों के जीवन से सभी कष्टों और बाधाओं को हर लेते हैं।
कहा जाता है कि, गणाधिप संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा के समय भगवान गणेश को उनकी प्रिय चीजों का भोग भी अवश्य लगाना चाहिए। इससे बप्पा जल्द प्रसन्न होते हैं और जीवन के सभी दुखों से मुक्ति दिलाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कि बप्पा को कौन सी चीजें प्रिय हैं।
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी शुभ मुहूर्त
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, अगहन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 08 नवंबर को सुबह 07 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगी और 09 नवंबर को सुबह 04 बजकर 25 मिनट पर समाप्त होगी। गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर चंद्र दर्शन करने का विधान है। इसके लिए 08 नवंबर को गणाधिप संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन चंद्र दर्शन का समय संध्याकाल 08 बजकर 01 मिनट पर है।
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गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर बन रहे है कई शुभ योग
ज्योतिषियों की मानें तो, इस बार गणाधिप संकष्टी चतुर्थी तिथि पर शिव और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही भद्रावास और शिववास योग का निर्माण हो रहा है। इन योग में भगवान गणेश की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होगी।
अगर आप भगवान गणेश की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पर इन योग में एकदन्त की पूजा करें।
भगवान गणेश को लगाएं उनके प्रिय भोग
मोदक/लड्डू – भगवान गणेश को मोदक सबसे प्रिय हैं। भोग में मोदक अर्पित करने से भगवान खुश होकर अपने भक्तों को बुद्धि और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।
दूर्वा और गुड़ – गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करना और साथ में गुड़ का भोग लगाना विशेष फलदायी होता है। इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।
केला – फलों में गणेश जी को केला बहुत पसंद है। केले का भोग लगाने से कार्यों में सफलता मिलती है।
नारियल – नारियल का भोग संकटों को दूर करने वाला माना जाता है।
जानिए क्या है गणाधिप संकष्टी चतुर्थी की महिमा
गणाधिप संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने से जीवन की सभी बाधाओं और कष्टों से मुक्ति मिलती है। इस दिन चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने से कुंडली का चंद्र-दोष दूर होता है। भगवान गणेश को बुद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। ऐसा कहते हैं कि उनकी आराधना से घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
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गणाधिप संकष्टी चतुर्थी पूजन मंत्र
ॐ श्रीं गं सौभाग्य गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा:।।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नं कुरु मे देव, सर्वकार्येषु सर्वदा:।।
ॐ वक्रतुण्डैक दंष्ट्राय क्लीं ह्रीं श्रीं गं गणपते वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा:।।
