दान करना (सौ.AI)
Kabhi Bhi Na Karen In Cheezon Ka Daan: सनातन धर्म में दान-पुण्य करना बहुत ही पवित्र और श्रेष्ठ कर्म बताया गया है। यह केवल दूसरों की मदद करने का साधन नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग भी है।
हर तीज-त्यौहार से लेकर पूर्णिमा, अमावस्या और ग्रहण में दान करने का विधान भी है। यही वजह है कि, दान करने से धन में वृद्धि ही नहीं बल्कि अन्य पुण्य लाभ भी मिलते हैं। दान करने से देवी-देवता और पितृ प्रसन्न होते हैं।
इसके साथ ही व्यक्ति को जाने अनजाने में किए गए पापों से भी मुक्ति मिलती है। लेकिन बता दें कि गलत चीजों का दान आपके जीवन में परेशानियों को बढ़ा सकता है। कुछ चीजें ऐसी हैं जिनका दान करने से घर में अशांति और क्लेश उत्पन्न हो सकता है।
ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र के अनुसार, झाड़ू का दान भूलकर भी नहीं करना चाहिए। हिन्दू धर्म में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में झाड़ू का दान भी गलती से न करें। झाड़ू का दान करने से घर की आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है। धन की भी हानि हो सकती है।
हिन्दू धर्म में जिस प्रकार झाड़ू का दान करना अशुभ बताया गया है। ठीक उसी प्रकार तेल का दान करना भी अशुभ होता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, तेल का दान करने से भगवान शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। तेल का दान शुभ होता है। लेकिन कभी भी बचा हुआ या इस्तेमाल किया तेल का दान न करें। ऐसे तेल का दान करने से शनि दोष बढ़ता है। साथ ही घर-परिवार और जीवन में नकारात्मकता भी बढ़ती है।
वस्त्र का दान करना हिन्दू धर्म में अच्छा माना जाता है। लेकिन कभी भी फटे और अधिक गंदे कपड़े किसी को भी दान न करें। वरना आपके घर में दरिद्रता आ सकती है और साथ ही आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति भी कमजोर हो सकती है।
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पुराने या इस्तेमाल किए गए स्टिल और एल्युमिनियम के बर्तनों का दान भी भूलकर न करें। वरना आपको गृह क्लेश की स्थिति झेलनी पड़ सकती है। इसके अलावा प्लास्टिक और कांच की चीजों का दान भी न करें। इन चीजों के दान से आपको कारोबार और करियर में नुकसान की संभावना बनी रहती है।
सुई, चाकू, कैंची, तलवार आदि धारदार और नुकीली चीजों का कभी भी दान नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि धारदार चीजों का दान करने से घर में क्लेश और अशांति उत्पन्न हो सकता है। इतना ही नहीं मानसिक शांति भी खराब होती है।