Maa Skandamata Puja : आज 23 मार्च को चैत्र नवरात्रि का पांचवां दिन है। जो मां भगवती के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। शास्त्रों में माता दुर्गा के पांचवें स्वरूप को यह नाम भगवान कार्तिकेय से मिला है और इस रूप में माता के ममतामई स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है।
कहा जाता है कि,स्कंदमाता की पूजा से संतान प्राप्ति के योग मजबूत होते हैं और बच्चों की सुरक्षा तथा उन्नति के लिए उनका विशेष आशीर्वाद मिलता है। जिन लोगों को संतान से जुड़ी चिंता होती है, उनके लिए यह पूजा अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
आज 23 मार्च 2026 को नवरात्र की पंचमी तिथि पर स्कंदमाता की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त -
जय तेरी हो स्कंद माता, पांचवा नाम तुम्हारा आता। सब के मन की जानन हारी, जग जननी सब की महतारी। तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं, हर दम तुम्हे ध्याता रहूं मैं। कई नामो से तुझे पुकारा, मुझे एक है तेरा सहारा। कहीं पहाड़ों पर है डेरा, कई शहरों में तेरा बसेरा। हर मंदिर में तेरे नजारे गुण गाये, तेरे भगत प्यारे भगति। अपनी मुझे दिला दो शक्ति, मेरी बिगड़ी बना दो। इन्दर आदी देवता मिल सारे, करे पुकार तुम्हारे द्वारे। दुष्ट दत्य जब चढ़ कर आये, तुम ही खंडा हाथ उठाये। दासो को सदा बचाने आई, चमन की आस पुजाने आई।। स्तुति: या देवी सर्वभूतेषु माँ स्कन्दमाता रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
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