Nautapa 2026 Rules: 2026 के नौतपा के दिनों में याद रखिए ये 9 नियम, वरना पड़ेगा बहुत भारी

Nautapa 2026 Rules Tips: 2026 के नौतपा में 9 नियमों का पालन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इन नियमों की अनदेखी करने से सेहत और जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Nautapa Ke Niyam Hindi
नौतपा के नियम (Source. Pinterest)
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Nautapa Ke Niyam Hindi: सोमवार, 25 मई से नौतपा की शुरुआत हो रही जो कि 2 जून तक चलने वाली है। बता दें यह हर साल गर्मियों में आने वाले वो 9 दिन होते हैं जब सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा तेज होती है। बताया जाता है कि, इन नौ दिनों के दौरान टेम्परेचर अचानक से बढ़ जाता है और साथ ही गर्म हवाओं की वजह से लू लगने का खतरा भी काफी ज्यादा बढ़ जाता है। शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार, इन दिनों में प्रकृति और सेहत के संतुलन के लिए 9 नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना जाता है।

क्या हैं नौतपा के 9 नियम

  • सूर्य उपासना करें

शास्त्रों में सूर्य उपासना को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि नौतपा के दौरान सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है।

  •  पानी की बर्बादी न करें

नौतपा के दिनों में जल को जीवन का आधार माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों पानी की बर्बादी से बचना चाहिए। इसलिए प्याऊ लगाना, पक्षियों के लिए पानी रखना और जरूरतमंदों को जल पिलाना पुण्य कार्य माना जाता है।

  • सात्विक भोजन करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में हल्का और सात्विक भोजन करना लाभकारी माना जाता है। अधिक तला-भुना, बासी और ज्यादा मसालेदार भोजन शरीर में गर्मी और आलस्य बढ़ा सकता है।

  • दोपहर की तेज धूप से बचें

आयुर्वेद के अनुसार नौतपा में शरीर में गर्मी तेजी से बढ़ सकती है। इसलिए दोपहर की तेज धूप से बचने और जरूरत पड़ने पर सिर ढककर बाहर निकलने की सलाह दी जाती है।

  • क्रोध और विवाद से दूरी रखें

शास्त्रों में मन को शांत रखने पर विशेष जोर दिया गया है। मान्यता है कि सूर्य की तीव्र ऊर्जा के समय ज्यादा क्रोध, तनाव और विवाद मानसिक अशांति बढ़ा सकते है।

  • शरीर और मन दोनों को शांत रखें

पुराने ऋषि-मुनियों के अनुसार नौतपा संयम और तप का समय माना जाता है। इस दौरान शरीर और मन को शांत रखने, अनावश्यक भागदौड़ और देर रात तक जागने से बचने की सलाह दी जाती है।

  • पशु पक्षियों की सेवा करें

नौतपा के दौरान जीवों की सेवा को विशेष पुण्य कार्य माना जाता है। घर की छत या आंगन में पक्षियों के लिए दाना और पानी रखना शुभ माना जाता है, जिससे सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।

  • पेड़-पौधों को नुकसान न पहुंचाएं

लोक मान्यताओं के अनुसार नौतपा में पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाना अशुभ माना जाता है। इस समय प्रकृति को संवेदनशील माना जाता है, इसलिए पेड़ों की रक्षा करने की सलाह दी जाती है।

  • घड़े का पानी पिए

पुराने समय में फ्रिज न होने के कारण लोग मिट्टी के घड़े का पानी पीते थे। आयुर्वेद में इसे शरीर को प्राकृतिक रूप से ठंडक देने और संतुलन बनाए रखने में सहायक माना गया है।

धर्म और ज्योतिष दोनों लिहाज से नौतपा को प्रकृति के संतुलन का समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान जितनी अधिक गर्मी होती है, आने वाला मानसून उतना ही अच्छा माना जाता है। इसलिए लोग इन दिनों को सावधानी और अनुशासन के साथ बिताने की परंपरा निभाते हैं।

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