

Narasimha Jayanti Kab Hai: भगवान विष्णु के चौथे अवतार नृसिंह देवता को समर्पित नृसिंह जयंती हर साल वैशाख मास के शुक्लपक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती हैं। इस साल यह जयंती 30 अप्रैल 2026, गुरुवार के दिन मनाई जाएगी।
ज्योतिषयों के अनुसार, इस साल नृसिंह जयंती गुरुवार के दिन पड़ रही है, जिसे भगवान विष्णु का दिन माना जाता है, इसलिए इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। भगवान नरसिंह की पूजा को सभी संकटों से मुक्ति और भय से रक्षा करने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, नृसिंह जयंती (Narasimha Jayanti) के दिन भगवान नरसिंह की पूजा के साथ ऋण विमोचन नरसिंह स्तोत्रम् का पाठ करना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है। इसके लिए सुबह स्नान कर साफ वस्त्र धारण करें, पूजा स्थान की सफाई कर भगवान नरसिंह की प्रतिमा स्थापित करें। विधि-विधान से पूजा करने के बाद उनकी प्रतिमा के समक्ष बैठकर श्रद्धा पूर्वक ऋण विमोचन नरसिंह स्तोत्रम् का पाठ करें।
संकटों से मुक्ति पाने के लिए नृसिंह जयंती के दिन भगवान नरसिंह के मंत्र - 'ॐ उग्रं वीरं महाविष्णुं ज्वलन्तं सर्वतोमुखम्, नृसिंहं भीषणं भद्रं मृत्युमृत्युं नमाम्यहम्' अथवा ‘नृम नृम नृम नर सिंहाय नमः' का विशेष रूप से जप करना चाहिए।
मान्यता है कि इस मंत्र का श्रद्धा और विश्वास के साथ 11 माला जप करने से नृसिंह देवता प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी संकटों से रक्षा करते हैं। अगर आप किसी बड़ी संकटों से घिरे हुए हो तो नृसिंह जयंती के दिन ये उपाय करना न भूलें।