Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Narada Muni: आज है नारद जयंती, जानिए किसने और क्यों दिया था नारद मुनि को बड़ा श्राप

Narada Muni Story: नारद जयंती के पावन अवसर पर जानिए देवर्षि नारद मुनि से जुड़ी वह रोचक कथा, जब उन्हें एक बड़े श्राप का सामना करना पड़ा। किसने दिया यह श्राप और इसके पीछे क्या कारण था।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: May 02, 2026 | 02:48 PM

देवर्षि नारद जी (सौ.Gemini)

Follow Us
Close
Follow Us:

Narada Muni Katha : आज 2 मई को देवर्षि नारद जी जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। धर्म ग्रथों के अनुसार, यह जयंती सृष्टि रचयिता ब्रह्मा जी के मानस पुत्र देवर्षि नारद के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में मनाई जाती है।

देवर्षि नारद जी को भगवान विष्णु के परम भक्त, देवताओं के संदेशवाहक और प्रथम पत्रकार के रूप में उनके ज्ञान, भक्ति और लोक-कल्याणकारी कार्यों का सम्मान करने के लिए मनाया जाता है, जो सत्य व संचार का प्रतीक है।

क्यों कहा जाता है नारद मुनि को ब्रह्मा का मानस पुत्र?

पौराणिक कथा के अनुसार, नारद मुनि को ब्रह्मा का मानस पुत्र इस वजह से कहा जाता है, क्योंकि उनका जन्म मन, संकल्प और तप से माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मानस का अर्थ मन से उत्पन्न हुआ होता है।

सम्बंधित ख़बरें

Narad Jayanti : आज है नारद जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और सृष्टि के पहले पत्रकार देवर्षि नारद की महिमा

Jyeshtha Maas: ज्येष्ठ मास आज से शुरू, शत्रुओं पर विजय पाने के लिए करें ये अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर!

दिल्ली में ई-रिक्शा किराया डबल, अब 10 नहीं 20 रुपये में होगा सफर, जेब ढीली होना तय

Vastu Tips For Jhadu : घर में अगर रखी हो टूटी हुई झाड़ू, तो तुरंत जानिए क्या हो सकता है इसका अंज़ाम

पुराणों में बताया गया है कि जब सृष्टि की रचना की शुरुआत में ब्रह्मा जी ने ध्यान किया। इस दौरान उन्होंने में भक्ति और धर्म का प्रचार करने का संकल्प लिया। ऐसा माना जाता है कि उसी संकल्प से नारद मुनि का अवतरण हुआ।

क्यों खास हैं नारद मुनि?

पौराणिक कथा के अनुसार, पिछले जन्म में नारद ‘उपबर्हण’ नाम के गंधर्व थे। एक समय ऐसा आया जब अप्सराएँ और गंधर्व गीत से ब्रह्मा जी की उपासना कर रहे थे। उस दौरान उपबर्हण रासलीला में लीन हो गए। इस दृश्य को देख ब्रह्मा जी को क्रोध आया। उन्होंने उपबर्हण को श्राप दे दिया कि तुम्हारा अगला जन्म शूद्र योनि में होगा।

यह भी पढ़ें:–Narad Jayanti : आज है नारद जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और सृष्टि के पहले पत्रकार देवर्षि नारद की महिमा

इसके बाद उपबर्हण ने भक्ति की, जिससे उन्हें एक बार प्रभु के दर्शन हुए। ऐसे में प्रभु के प्रति उनकी आस्था और गहरी हो गई। इस दौरान आकाशवाणी हुई कि ‘हे बालक इस जन्म में तुमको मेरे दर्शन नहीं मिल पाएंगे।’ अगले जन्म में तुम मेरे पार्षद होंगे। इसके बाद नारद मुनि में जगत के पालनहार विष्णु की कठिन तपस्या करने के फैसला लिया, जिसके बाद ब्रह्मा जी मानस पुत्र के रूप में अवतरित हुए।

नारद जयंती का महत्व क्या है?

सनातन धर्म में नारद जयंती का बड़ा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु और नारद जी की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और मनोकामनाएं पूरी होने का आशीष मिलता है। इस दिन पूजा पाठ, दान पुण्य और विष्णु आराधना का विशेष महत्व माना गया है।

Narada muni narad jayanti story who cursed narad and why

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 02, 2026 | 02:48 PM

Topics:  

  • Dharma
  • Lord Vishnu
  • Religion News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.