दिल्ली में ई-रिक्शा किराया डबल, अब 10 नहीं 20 रुपये में होगा सफर, जेब ढीली होना तय
E-Rickshaw Fares Rise: 1 मई से रसोई गैस और ईंधन के दाम बढ़ते दिख रहे है, वहीं राजधानी दिल्ली में अब ई-रिक्शा से यात्रा करना भी महंगा हो रहा है। बदलाव में अब किराए को 100% बढ़ा दिया गया है।
- Written By: सिमरन सिंह
e rickshaw (Source. Social Media/X)
E-Rickshaw Fares Rise In Delhi: मई के शुरू होने के साथ ही कई बदला देश में देखने को मिले है, जिसमें 1 मई से रसोई गैस और ईंधन के दाम बढ़ते दिख रहे है, वहीं राजधानी दिल्ली में अब ई-रिक्शा से यात्रा करना भी महंगा हो रहा है। सबसे बड़ा बदलाव को देखे तो न्यूनतम किराया लगभग 100% बढ़ा दिया गया है। जिसमें अब तक 10 रुपये में सफर शुरू होता था, अब वही किराया बढ़कर 20 रुपये कर दिया गया है।
किसने लिया यह बड़ा फैसला?
ई-रिक्शा से यात्रा करने पर बढ़ते हुए किराए का फैसला Electric Vehicle Federation की बैठक के बाद लिया गया है, जिसमें ई-रिक्शा चालक, डीलर और मैन्युफैक्चरर्स शामिल थे।
फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने कहा, “2014 के बाद से ही ई-रिक्शा के किराए में कोई बदलाव नहीं हुआ, जबकि ऑटो और टैक्सी के किराए कई बार बढ़ चुके हैं”। उन्होंने आपनी बात को पूरा करते हुए बताया कि बढ़ती महंगाई और मजदूरी को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।
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सवारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
वहीं जब से ये बात सामने आई है कि ई-रिक्शा के किराए को बढ़ा दिया गया है तब से आम लोगों की प्रतिक्रिया अलग-अलग तरह से सामने आ रही है।
- कुछ लोग इसे सही ठहरा रहे हैं
- वहीं कई लोगों का कहना है कि किराया एकदम दोगुना करना ठीक नहीं है
- कुछ यात्रियों को तो ज्यादा किराया सुनकर पैदल जाते हुए भी देखा गया
लोगों की जेब पर सीधा असर
ऐसे में जो लोग रोजाना ई-रिक्शा से सफर करते हैं, उनके लिए यह बदलाव बड़ा झटका है। क्योकि उनकी जेब पर इसका सीधा असर देखने को मिलने वाला है। जिसमें ये बदलाव देखने को मिलेगे:
- दैनिक खर्च में सीधा इजाफा होगा, जिससे महीने का बजट बिगड़ सकता है।
- दूसरी ओर, चालकों का कहना है कि यह बढ़ोतरी उनकी मजबूरी है, क्योंकि खर्च और मेंटेनेंस दोनों बढ़ चुके हैं।
दिल्ली में कितने ई-रिक्शा चल रहे हैं?
दिल्ली एक कामकाजी राज्य है जिसमें लोग काम के इरादें से ही आते है ऐसे में मिली जानकारी के मुताबिक राजधानी में करीब 2 लाख से ज्यादा रजिस्टर्ड और लगभग 1.5 लाख बिना पंजीकरण वाले ई-रिक्शा चल रहे हैं। ऐसे में इस बड़े नेटवर्क पर किराया बढ़ने का असर लाखों लोगों की जेब पर पड़ने वाला है।
सरकार ने भी किया बड़ा बदलाव
सरकार ने भी हाल के समय में बदलाव किए थे जिसमें ई-रिक्शा संचालकों ने परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इसके बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पुराने नियम में बदलाव किया था। जिसमें बताया गया की अब कंपनियां और फर्म बड़े पैमाने पर ई-रिक्शा रजिस्टर नहीं करा सकेंगी।
छोटे चालकों को मिलेगा फायदा
सरकार के इस बड़े फैसले का मकसद छोटे और व्यक्तिगत चालकों को सुरक्षा देना और उनके फायदें को बढ़ाना था। इससे बड़े कॉरपोरेट्स की पकड़ कम होगी और आम लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, 15 मई के बाद व्यक्तिगत ई-रिक्शा रजिस्ट्रेशन दोबारा शुरू किया जाएगा। जो लोगों में रोजगार की नई रोशनी बनेगा।
राहत या नई परेशानी?
वहीं मन में ये सवाल जरूर आता है कि ये लोगों के लिए राहत है या परेशानी तो ई-रिक्शा किराया बढ़ने से जहां चालकों को कुछ राहत मिलेगी, वहीं आम जनता, खासकर मिडिल क्लास के लिए यह एक और खर्च बढ़ाने वाला फैसला साबित हो सकता है। जिससे आने वाले समय में ये भी देखा जा सकता है कि लोग वाहन लेने की जगह पैदल यात्रा कर रहे है।
