Jyeshtha Maas: ज्येष्ठ मास आज से शुरू, शत्रुओं पर विजय पाने के लिए करें ये अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर!
Jyeshtha Maas Special Upay: सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने का बड़ा महत्व बताया गया है। इस मास में किए गए उपाय शत्रुओं पर विजय और बाधाओं को दूर करने में सहायक माने जाते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
ज्येष्ठ मास ( सौ.Gemini)
Jyeshtha Maas Shuru : आज 2 मई 2026, शनिवार से हिंदी पंचांग का तीसरा महीना ज्येष्ठ माह की शुरुआत हो रही है। सनातन धर्म में ज्येष्ठ महीने का बड़ा महत्व बताया गया है। बताया जाता है कि, ज्येष्ठ महीने में गर्मी अपनी चरम पर होती है, इसलिए इस दौरान प्रकृति और जीव-जंतुओं की सेवा करना बड़ा पुण्य का काम माना जाता है।
ज्येष्ठ महीने का आध्यात्मिक महत्व
धर्मग्रथों में ज्येष्ठ महीने का आध्यात्मिक महत्व बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार इस माह में स्नान, दान, पूजा और जप-तप का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इन कार्यों से पुण्य फल की प्राप्ति मानी जाती है।
कहा जाता है कि इस दौरान किए गए छोटे-से सद्कर्म भी बड़े पुण्य का कारण बन सकते हैं और जीवन के बाद के फल को भी प्रभावित करते हैं।
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कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ माह?
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की शुरुआत आज 2 मई 2026, शनिवार से हो रही है। हालांकि, प्रतिपदा तिथि 1 मई की रात से शुरू हो जाएगी, लेकिन उदयातिथि के नियम के अनुसार महीना 2 मई से माना जाएगा। इस महीने का समापन 29 जून 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ होगा।
ज्येष्ठ माह में क्या करना होता है शुभ?
ज्येष्ठ के महीने में भगवान विष्णु के त्रिविक्रम स्वरूप (वामन अवतार) की पूजा करने का विधान है। शास्त्रों के अनुसार, ऐसा करने से शत्रुओं पर विजय और पापों का नाश होता है। लेकिन, जो लोग कठिन पूजा-पाठ नहीं कर सकते, उनके लिए शास्त्रों में एक बेहद सरल उपाय बताया गया है जो इस प्रकार है-
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राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना
ज्येष्ठ में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा पुण्य है। राहगीरों के लिए प्याऊ लगवाना और पशु-पक्षियों के लिए पानी रखना मानसिक शांति और वरुण देव का आशीर्वाद दिलाता है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए तिल, अन्न और सत्तू का दान शुभ माना जाता है।
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सात्विक भोजन
महाभारत के अनुसार, जो व्यक्ति ज्येष्ठ के महीने में केवल एक समय सात्विक भोजन करता है, वह निरोग (बीमारियों से दूर) और धनवान बनता है।
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सूर्योदय से पहले स्नान करना
सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना और वरुण देव की आराधना करना इस महीने में बहुत फलदायी है।
