Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

समुद्र मंथन का रहस्य: किस पर्वत से निकले 14 रत्न? जानकर हैरान रह जाएंगे

Samudra Manthan: हिंदू पुराणों में समुद्र मंथन की कथा बेहद प्रसिद्ध और रोचक मानी जाती है। यह केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि जीवन के गहरे संदेशों को भी दर्शाती है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Apr 17, 2026 | 07:02 PM

Samudra Manthan (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

What is Samudra Manthan: हिंदू पुराणों में समुद्र मंथन की कथा बेहद प्रसिद्ध और रोचक मानी जाती है। यह केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि जीवन के गहरे संदेशों को भी दर्शाती है। इस महाकथा में देवताओं और असुरों ने मिलकर समुद्र का मंथन किया था, जिससे कई अद्भुत रत्न प्राप्त हुए। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस मंथन के लिए किस पर्वत का उपयोग किया गया था?

कौन सा था समुद्र मंथन का पर्वत?

पुराणों के अनुसार, समुद्र मंथन के लिए मंदराचल पर्वत का उपयोग किया गया था। इसे मथानी की तरह इस्तेमाल किया गया, जबकि वासुकी नाग को रस्सी बनाया गया था। भगवान विष्णु की सलाह पर देवताओं और असुरों ने मिलकर यह कार्य किया।

समुद्र मंथन क्यों हुआ था?

इस कथा की शुरुआत तब हुई जब महर्षि दुर्वासा के श्राप के कारण देवराज इंद्र अपनी शक्तियां और लक्ष्मी जी का आशीर्वाद खो बैठे। इससे देवताओं की स्थिति कमजोर हो गई। तब भगवान विष्णु ने समाधान बताते हुए कहा कि असुरों के साथ मिलकर समुद्र मंथन किया जाए, जिससे अमृत प्राप्त होगा और देवताओं को पुनः शक्ति मिल जाएगी।

सम्बंधित ख़बरें

अर्जुन से भी महान था कर्ण? जानिए वो एक गुण जिसने बना दिया उसे सबसे अलग

Bathroom Direction Tips : बेडरूम के सामने अगर वॉशरूम है, तो जानिए किन बातों की रखें सावधानी

Akshaya Tritiya Daan: अक्षय तृतीया 2026 के दिन इन 4 चीजों के दान से पलट जाएगी किस्मत!

Akshaya Tritiya: अक्षय तृतीया पर 100 साल बाद बन रहा है ‘अक्षय योग’, मेष समेत 3 राशि के जातकों की बल्ले-बल्ले!

समुद्र मंथन से निकले 14 अनमोल रत्न

समुद्र मंथन के दौरान कुल 14 रत्न निकले, जिनका धार्मिक महत्व आज भी माना जाता है:

  • हालाहल विष: जिसे भगवान शिव ने पीकर अपने कंठ में धारण किया, जिससे वे नीलकंठ कहलाए।
  • कामधेनु गाय: ऋषि-मुनियों को प्राप्त हुई।
  • उच्चैःश्रवा घोड़ा: राजा बलि को मिला।
  • ऐरावत हाथी: इंद्र देव ने अपने पास रखा।
  • कौस्तुभ मणि: भगवान विष्णु ने धारण की।
  • कल्पवृक्ष: देवताओं को मिला।
  • अप्सरा रंभा: देवताओं के पास रही।
  • माता लक्ष्मी: भगवान विष्णु की अर्धांगिनी बनीं।
  • वारुणी देवी: असुरों ने स्वीकार किया।
  • चंद्रमा: देवताओं ने अपनाया।
  • पारिजात वृक्ष: देवताओं को मिला।
  • शंख: भगवान विष्णु को समर्पित किया गया।
  • वैद्यराज धन्वंतरि: अमृत कलश के साथ प्रकट हुए।
  • अमृत: जिसे देवताओं ने पिया, जबकि असुरों में केवल राहु ने इसका स्वाद लिया।

ये भी पढ़े: अर्जुन से भी महान था कर्ण? जानिए वो एक गुण जिसने बना दिया उसे सबसे अलग

समुद्र मंथन का गहरा संदेश

यह कथा सिखाती है कि जीवन में अच्छे परिणाम पाने के लिए धैर्य, सहयोग और संघर्ष जरूरी है। साथ ही, हर बड़ी सफलता से पहले कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

क्यों खास है यह कथा?

समुद्र मंथन केवल एक पौराणिक घटना नहीं, बल्कि जीवन की सच्चाई को दर्शाने वाली कहानी है। मंदराचल पर्वत से हुआ यह मंथन आज भी हमें धैर्य और सहयोग का महत्व सिखाता है।

Mystery of the samudra manthan mountain did the 14 treasures emerge

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Apr 17, 2026 | 07:02 PM

Topics:  

  • Lord Shiva
  • Religion News
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.