Masik Kalashtami: आज मासिक कालाष्टमी पर भैरव देव को चढ़ाएं ये खास भोग, खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार!
Masik Kalashtami Bhog Samagri: मासिक कालाष्टमी के शुभ अवसर पर भैरव देव को प्रिय भोग अर्पित करने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है। जानिए आज किन चीजों का भोग लगाना शुभ माना गया है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान काल भैरव (सौ.Gemini)
Bhairav Dev Ki Kripa Ke Upay: आज 9 मई, शनिवार को ज्येष्ठ महीने का पहला कालाष्टमी व्रत रखा जा रहा है। भगवान काल भैरव को समर्पित मासिक कालाष्टमी का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। कालाष्टमी के दिन व्रत के साथ-साथ विधि-विधान से काल भैरव देव की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन व्रत और काल भैरव देव की पूजा करने से जीवन के सारे दुख और संकट समाप्त होते है।
कालाष्टमी पूजा मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष 2026 की कालाष्टमी व्रत आज 9 मई, शनिवार को मनाई जाएगी। अष्टमी तिथि की शुरुआत 9 मई को दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से होगी और इसका समापन 10 मई को दोपहर 3 बजकर 6 मिनट पर होगा। चूंकि अष्टमी तिथि 9 मई की मध्यरात्रि यानी निशिता काल में रहेगी, इसलिए इसी दिन कालाष्टमी व्रत रखना शुभ माना गया है।
निशिता काल में पूजा अत्यंत शुभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निशिता काल में भगवान काल भैरव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है. इस दौरान मंत्र जाप, भैरव चालीसा और काल भैरव अष्टक का पाठ अत्यंत शुभ माना जाता है.
सम्बंधित ख़बरें
कलावा बांधने का सही तरीका क्या है? जानिए हाथ में मौली कितनी बार लपेटना माना जाता है शुभ
क्या गुरुवार और रविवार को खिचड़ी खाना माना जाता है अशुभ? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
Powerful Sanskrit Quotes: जीवन को नई दिशा देते हैं संस्कृत के ये 5 प्रेरणादायक श्लोक, जानिए इनके अर्थ
छत्रपति संभाजीनगर में श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का भव्य संगम, महेश नवमी पर निकली शोभायात्रा
कालाष्टमी पर भैरव बाबा को लगाएं ये विशेष भोग
- गुड़ ओर काले तिल: कालाष्टमी पर (Masik Kalashtami) गुड़ और काले तिल का भोग लगाने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-शांति आती है।
- काले चने: कालभैरव को काले चने का भोग लगाने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और शनि दोष से मुक्ति मिलती है।
- मीठी रोटी पूड़ी: गुड़ से बनी मीठी रोटी या पूड़ी का भोग लगाना अत्यंत प्रिय माना गया है।
- सरसों का तेल: पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना और भोग में इसका प्रयोग करना लाभकारी है।
- दही और बेसन के लड्डू: भैरव जी को प्रसन्न करने के लिए आप दही और बेसन के लड्डू का प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें-Kalashtami : पहली बार रख रहे हैं कालाष्टमी व्रत? तो जान लें ये जरूरी नियम, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा!
कालाष्टमी व्रत का धार्मिक महत्व
कालाष्टमी का व्रत भक्तों को मानसिक शांति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता हैं। श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और भय से मुक्ति मिलती हैं। विशेष रूप से जो लोग शनि दोष, भय या नकारात्मक प्रभावों से परेशान रहते हैं। उनके लिए यह व्रत अत्यंत लाभकारी माना गया हैं।
