Masik Janmashtami : मासिक जन्माष्टमी आज, रात में इस तरह करें बाल गोपाल की पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना
Masik Janmashtami 2026 : मासिक जन्माष्टमी आज मनाई जा रही है यदि आप भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा सही विधि से करते हैं, तो मनोकामनाओं की पूर्ति और कान्हा की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप (सौ.AI)
Bal Gopal Ki Puja Kaise Karen: आज 7 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह की मासिक जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह शुभ तिथि हर माह की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं और जीवन के दुख दूर होते हैं। पूजा के लिए निशिता काल का शुभ मुहूर्त और विधि-विधान का पालन करना महत्वपूर्ण है, जिसमें पंचामृत स्नान और माखन-मिश्री का भोग शामिल लगाने की खास परंपरा है।
आषाढ़ मासिक जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
द्रिक पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह के मासिक जन्माष्टमी पर आज मध्यरात्रि 12 बजकर 06 मिनट पर श्रीकृष्ण की पूजा का शुभ मुहूर्त शुरू होगा। पूजा ये शुभ मुहूर्त 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा ।
आषाढ़ मासिक जन्माष्टमी पर कैसे करें पूजा ?
- मासिक जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले भक्तों को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान कर शुद्ध एवं स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए।
- इसके बाद घर के मंदिर या पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- फिर भगवान का पंचामृत से अभिषेक करें और उन्हें पीले रंग के वस्त्र अर्पित करें।
- पूजा में पुष्प, तुलसी दल तथा माखन-मिश्री का भोग लगाएं। इस दौरान श्रद्धापूर्वक ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
- शास्त्रों के अनुसार मासिक जन्माष्टमी पर रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की विशेष पूजा का महत्व माना गया है।
- इसलिए रात में बाल गोपाल की विधि-विधान से पूजा करें, भजन-कीर्तन करें और अंत में आरती कर प्रसाद का वितरण करें।
- व्रत का पारण अगले दिन अष्टमी तिथि समाप्त होने के बाद ही करना शुभ माना जाता है।
मासिक जन्माष्टमी व्रत रखने के क्या है लाभ ?
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संतान प्राप्ति और रक्षा
निसंतान दंपत्ति संतान प्राप्ति के लिए इस दिन विशेष व्रत और उपाय करते हैं। यह व्रत संतान की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है।
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कर्ज और बाधाओं से मुक्ति
मासिक जन्माष्टमी पर विशेष रूप से ‘ऋण-मुक्ति’ (कर्ज मुक्ति) के उपाय करने से आर्थिक समस्याओं, पारिवारिक विवादों और धन हानि से छुटकारा मिलता है।
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मनोकामना पूर्ति
सच्चे मन से व्रत और उपासना करने से भगवान कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे जीवन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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मानसिक शांति और ऊर्जा
नियमित रूप से यह व्रत करने से तनाव दूर होता है, मन शांत होता है, और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
