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महाभारत का युद्ध कुरुक्षेत्र में ही क्यों हुआ? जानिए इस पवित्र भूमि के पीछे छिपा रहस्य

Mahabharat का युद्ध केवल एक ऐतिहासिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह धर्म और अधर्म के बीच अंतिम निर्णायक युद्ध था। लेकिन एक सवाल आज भी लोगों के मन में कौंधता है जब पूरी धरती उपलब्ध थी।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Feb 04, 2026 | 04:35 PM

Kurukshetra (Source. Pinterest)

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Kurukshetra History: महाभारत का युद्ध केवल एक ऐतिहासिक संघर्ष नहीं था, बल्कि यह धर्म और अधर्म के बीच अंतिम निर्णायक युद्ध था। लेकिन एक सवाल आज भी लोगों के मन में कौंधता है जब पूरी धरती उपलब्ध थी, तो भगवान श्रीकृष्ण ने युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र की भूमि को ही क्यों चुना? इसके पीछे शास्त्रों में वर्णित एक गहरा और रहस्यमय कारण छिपा है, जिसे जानकर आप भी चौंक जाएंगे।

युद्ध की भूमि खोजने की शुरुआत

शास्त्रों के अनुसार, जब महाभारत का युद्ध तय हो गया था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने सबसे पहले युद्ध के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश शुरू करवाई। उनका उद्देश्य केवल युद्ध कराना नहीं था, बल्कि इस युद्ध के माध्यम से पृथ्वी पर बढ़ते पापों का नाश कर धर्म की पुनः स्थापना करना था। श्रीकृष्ण चाहते थे कि युद्ध ऐसी जगह हो, जहाँ के संस्कार स्वयं युद्ध की तीव्रता को बढ़ा दें।

कृष्ण की शंका और एक कठिन निर्णय

ऐसा कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण को यह शंका थी कि कहीं युद्ध के दौरान कौरव और पांडव अपने ही संबंधों के कारण कमजोर न पड़ जाएं। भाइयों को भाइयों के विरुद्ध खड़ा करना आसान नहीं था। इसलिए श्रीकृष्ण ने यह निश्चय किया कि युद्ध के लिए ऐसी भूमि चुनी जाए, जहाँ क्रोध, द्वेष और संघर्ष पहले से ही मौजूद हों, ताकि भावनाएं युद्ध में बाधा न बनें।

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दूतों को भेजा गया चारों दिशाओं में

इसके बाद श्रीकृष्ण ने चारों दिशाओं में अपने दूत भेजे और उन्हें अलग-अलग क्षेत्रों की घटनाओं का जायजा लेने को कहा। दूतों ने विभिन्न स्थानों से लौटकर अपने-अपने अनुभव साझा किए। इन्हीं में से एक दूत की बताई घटना ने श्रीकृष्ण को गहराई से सोचने पर मजबूर कर दिया।

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कुरुक्षेत्र की वह घटना जिसने बदल दिया इतिहास

दूत ने बताया कि कुरुक्षेत्र में एक बार एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई से खेत में बहते पानी को रोकने में मदद मांगी। लेकिन छोटे भाई ने इनकार कर दिया। इस मामूली बात पर बड़ा भाई इतना क्रोधित हुआ कि उसने चाकू से गोदकर अपने ही भाई की हत्या कर दी और उसकी लाश को पानी रोकने की जगह घसीट कर डाल दिया।

कृष्ण का अंतिम निर्णय

इस सच्ची घटना को सुनने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने तुरंत निश्चय कर लिया कि युद्ध के लिए यही भूमि सबसे उपयुक्त है। उन्हें विश्वास हो गया कि इस भूमि के संस्कार इतने कठोर हैं कि यहां खड़े योद्धा आपसी प्रेम में नहीं बंधेंगे। इसी के बाद श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र को महाभारत के युद्ध स्थल के रूप में घोषित किया।

Mahabharata war take place in kurukshetra discover the secret behind this sacred land

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Published On: Feb 04, 2026 | 04:35 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatana Dharma
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