Krishna Playing Flute (Source. Pinterest)
Krishna Flute Story: भगवान श्री कृष्ण की मुरली केवल एक वाद्य यंत्र नहीं थी, बल्कि वह प्रेम, भक्ति और दिव्यता की पहचान थी। लेकिन एक समय ऐसा आया जब उन्होंने वृंदावन छोड़ दिया और फिर कभी मुरली नहीं बजाई। आखिर इसके पीछे क्या रहस्य है? आइए, इस भावुक प्रसंग को सरल शब्दों में समझते हैं।
जब भगवान श्री कृष्ण वृंदावन छोड़कर मथुरा गए, तो यह उनके जीवन का बड़ा मोड़ था। वृंदावन की गलियों में गूंजने वाली उनकी मुरली की तान गोपियों और विशेषकर राधा रानी के प्रेम का प्रतीक थी। मान्यता है कि वृंदावन की पावन भूमि और वहां का प्रेमपूर्ण वातावरण ही मुरली के मधुर स्वर के लिए उपयुक्त था। जब कृष्ण ने वृंदावन छोड़ा, तो उन्होंने अपने उस मधुर जीवन अध्याय को भी पीछे छोड़ दिया। कहा जाता है कि उन्होंने मुरली त्याग दी, क्योंकि उसकी धुन केवल राधा और वृंदावन के लिए थी।
वृंदावन के बाद कृष्ण का जीवन पूरी तरह बदल गया। वे एक साधारण ग्वाले से आगे बढ़कर राजा, राजनीतिज्ञ और मार्गदर्शक बने। द्वारका में वे द्वारकाधीश कहलाए। अब उनका उद्देश्य कंस वध, धर्म की स्थापना और महाभारत युद्ध में पांडवों का मार्गदर्शन करना था। इस गंभीर भूमिका में मुरली के मधुर स्वर की जगह सुदर्शन चक्र और शंख की आवश्यकता थी। इसलिए उनके जीवन की प्राथमिकताएं बदल गईं और मुरली पीछे छूट गई।
लोक कथाओं के अनुसार, वृंदावन छोड़ते समय कृष्ण ने अपनी मुरली राधा जी को भेंट कर दी थी। उन्होंने वचन दिया था कि उनके जीवन का संगीत केवल राधा के लिए है। यह उनके अटूट और निस्वार्थ प्रेम का प्रमाण माना जाता है।
कई पौराणिक कथाओं में एक और मार्मिक घटना का वर्णन मिलता है। कहा जाता है कि जब राधा जी ने अपने शरीर त्यागने का निर्णय लिया, तब उनकी अंतिम इच्छा थी कि वे एक आखिरी बार कृष्ण की बांसुरी सुनें। कृष्ण ने उनकी इच्छा पूरी की और मधुर तान छेड़ी। जैसे ही राधा जी ने प्राण त्यागे, वे गहरे विरह में डूब गए। उन्हें लगा कि उनके संगीत की आत्मा ही चली गई। राधा के जाने के बाद उन्होंने अपनी बांसुरी को दो टुकड़ों में तोड़ दिया और झाड़ियों में फेंक दिया। उस दिन के बाद उन्होंने जीवन भर कभी बांसुरी नहीं बजाई।
ये भी पढ़े: घर-गृहस्थी में रहते हुए आलस्य कैसे खत्म करें? प्रेमानंद जी महाराज ने बताया नाम जप और वैराग्य का सरल मंत्र
अक्सर लोग इन दोनों घटनाओं को एक समझ लेते हैं, जबकि ये कृष्ण के जीवन के अलग-अलग समय की घटनाएं हैं।