(सौजन्य सोशल मीडिया)
सावन पूर्णिमा के अगले दिन से भाद्रपद के महीने (Bhadrapada Month 2024) की शुरुआत हो जाती है। पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के महीने की शुरुआत 20 अगस्त से हो रही है। वहीं, इसका समापन 18 सितंबर 2024 को होगा। आपको बता दें कि भाद्रपद का महीना जिसे भादों के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू कैलेंडर का छठा महीना है, जो अगस्त-सितंबर में पड़ता है। यह माह विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और त्योहारों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस माह में भगवान गणेश को समर्पित गणेश चतुर्थी और भगवान कृष्ण के जन्म का जश्न मनाने वाली कृष्ण जन्माष्टमी शामिल है। इस महीने में पितृ पक्ष की शुरुआत भी होती है। धार्मिक मत है कि, भाद्रपद महीने में देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करने से जातक के जीवन में आ रही सभी तरह की समस्याएं दूर हो जाती हैं। आइये जान लेते हैं भाद्रपद महीने में पड़ने वाले सभी तीज-त्योहारों के बारे में……
पंचांग के अनुसार, भाद्रपद के महीने की शुरुआत 20 अगस्त से हो रही है। वहीं, इसका समापन 18 सितंबर 2024 को होगा। इस माह में गणेश चतुर्थी और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पड़ेंगे। वहीं, पितृ पक्ष की शुरुआत भी इसी माह से होती है। इसके साथ ही इस माह में बलराम जयंती, कजरी तीज, राधा अष्टमी और विश्वकर्मा पूजा समेत कई महत्वपूर्ण व्रत-त्योहार पड़ेगे, जो इस महीने को धार्मिक दृष्टि से खास बनाते हैं।
20 अगस्त 2024 मंगलवार – भाद्रपद आरंभ
22 अगस्त 2024 गुरुवार – कजरी तीज, बहुला चतुर्थी, हेरंब संकष्टी चतुर्थी
24 अगस्त 2024 शनिवार- बलराम जयंती
25 अगस्त 2024 रविवार – भानु सप्तमी
26 अगस्त 2024 सोमवार- कृष्ण जन्माष्टमी
27 अगस्त 2024 मंगलवार- दही हांडी
29 अगस्त 2024 गुरुवार – अजा एकादशी
31 अगस्त 2024 शनिवार- प्रदोष व्रत
2 सितंबर 2024 सोमवार – पिठोरी अमावस्या, दर्श अमावस्या, अनवधान, भाद्रपद अमावस्या
6 सितंबर 2024 शुक्रवार- वराह जयंती, हरतालिका तीज
7 सितंबर 2024 शनिवार- गणेश चतुर्थी
8 सितंबर 2024 रविवार- ऋषि पंचमी
10 सितंबर 2024 मंगलवार- ललिता सप्तमी
11 सितंबर 2024 बुधवार- महालक्ष्मी व्रत आरंभ, दूर्वा अष्टमी, राधा अष्टमी
14 सितंबर 2024 शनिवार- परिवर्तिनी एकादशी
15 सितंबर 2024 रविवार- वामन जयंती, प्रदोष व्रत
16 सितंबर 2024 सोमवार-विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति
17 सितंबर 2024 मंगलवार – गणेश विसर्जन, अनंत चतुर्दशी, पूर्णिमा श्राद्ध, अनवधान
18 सितंबर 2024 बुधवार – पितृ पक्ष प्रारंभ, आंशिक चंद्र ग्रहण, भाद्रपद पूर्णिमा
सनातन धर्म में भाद्रपद महीने का बहुत महत्व है। इस माह को भादों के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह में भगवान शिव के पुत्र गणेश जी और भगवान श्रीकृष्ण ने अवतार लिया था। ऐसी मान्यता है कि भाद्रपद के महीने में गणेश जी और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा करने से जातक को सभी कष्ट और दुखों से छुटकारा मिलता है। इसके अलावा भाद्रपद में जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा का भी विशेष महत्व है।
लेखिका- सीमा कुमारी