जानें रक्षाबंधन पर तिलक के नियम (सौ.सोशल मीडिया)
सावन के महीने में कई व्रत और त्योहार मनाए जाते हैं जिनके लिए भक्त तैयारी करते हैं। सावन के सोमवार तो चल रहे है लेकिन सावन के अंतिम सोमवार के दिन यानि 19 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाने वाला है। यह शुभ संयोग हैं कि, इस भाई-बहन के प्यार को भगवान शिव का आशीर्वाद मिलेगा।
रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई को तिलक करने के बाद राखी बांधती है और उसकी सुख-समृद्धि एवं लंबी उम्र की कामना करती है। इस दौरान भाई को जब आप तिलक करते हैं तो किस बात का ख्याल रखना जरूरी हैं चलिए जानते हैं।
यहां पर रक्षाबंधन के मौके पर जब भाई को आप तिलक करती हैं उस दौरान कई बातों की ओर ध्यान देना जरूरी होता हैं। यह देखना जरूरी हैं कि, आप तिलक करते समय किस उंगली का प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि इस प्रभाव भी आपके ऊपर पड़ता है। इसे लेकर ज्योतिषाचार्य राधाकांत वत्स ने नियम बताए हैं जिसके अनुसार जानना जरूरी हैं कि, आखिर बहनों द्वारा भाई को किस उंगली से तिलक करना चाहिए और क्या हैं तिलक करने से जुड़े नियम होते है।
इन नियमों का पालन आपको रक्षाबंधन के दिन करना चाहिए, जो इस प्रकार है..
1- याद रखें, रक्षाबंधन के दिन अगर भाई बड़ा है और बहन छोटी तो कनिष्ठ उंगली से तिलक करना चाहिए, कनिष्ठ उंगली यानी कि रिंग फिंगर जिसमें सगाई या शादी की अंगूठी पहनी जाती है।
2- रक्षाबंधन के दिन आपको याद रखना हैं कि, भाई छोटा है और बहन बड़ी तो बहन को अंगूठे से तिलक करना चाहिए।
3- शास्त्रों में बताया गया है कि छोटी बहन जब कनिष्ठ उंगली से तिलक करती है भाई को, तब भाई के जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
4- जब बड़ी बहन छोटे भाई को अंगूठे से तिलक करती है तब भाई को हर कार्य में सफलता मिलती है और साहसी बनता है।
5- बहन अपने भाई को तिलक करते समय इस बात का ध्यान रखे कि तिलक एक सीध में लगे आड़ा-टेढ़ा न नहीं लगना चाहिए।
6- तिलक के दौरान आपको रोली लगाने के बाद अक्षत यानी कि चावल अवश्य लगाएं। बिना अक्षत के सिर्फ रोली लगाने से तिलक अपूर्ण रह जाता है।