कार्तिक मास में विधिवत तुलसी पूजा की महिमा जानिए, खुशियों से भर जाएगा जीवन
Tulsi Puja: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से कार्तिक महीना बड़ा ही शुभ एवं पावन महीना होता है क्योंकि,इस महीने में कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं और इस महीने तुलसी पूजा करना भी बड़ा शुभ होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
तुलसी पूजा करने से मिलते हैं ये चमत्कारी लाभ (सौ.सोशल मीडिया )
Tulsi Puja in Kartik month: आज यानी 8 अक्टूबर, बुधवार से कार्तिक महीने की शुरुआत हो गई है। सनातन धर्म में यह महीना अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक माना गया है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, कार्तिक महीने का विशेष महत्व इसलिए भी है, क्योंकि इसी महीने में ही भगवान विष्णु 4 मास के निद्रा योग से जागते हैं।
इस मास में तुलसी माता की पूजा करना भी बहुत लाभदायी एवं पुण्यदाई माना गई है। ऐसे में आइए आपको इस खबर में बताने जा रहे है कार्तिक मास में तुलसी पूजा के लाभ और विधि क्या है।
कार्तिक मास में तुलसी पूजा करने से मिलते हैं ये चमत्कारी लाभ
धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से कार्तिक महीना बड़ा ही शुभ एवं पावन महीना होता है, क्योंकि,इस महीने में कई व्रत-त्योहार पड़ते हैं और इसमें स्नान-दान करना भी बड़ा पवित्र और पुण्यदायक माना गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Guruwar Vrat: गुरुवार का व्रत करते समय इन नियमों का रखें ख्याल, वरना नहीं मिलेगा व्रत का पूरा फल
गुरु प्रदोष व्रत की पूजा बिना इस कथा के मानी जाती है अधूरी, आप भी करें पाठ और पाएं शिव-पार्वती की कृपा
Bakrid 2026 Wishes: बकरीद पर अपनों को भेजें शायराना अंदाज में मुबारकबाद, चेहरे पर आ जाएगी मुस्कान
Jyestha Purnima 2026 : कब है ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा? नोट कर लें शुभ मुहूर्त से लेकर महत्व
जैसा कि,आप जानते हैं कि,यह विष्णु जी का महीना होता है और इसमें उनकी प्रिया तुलसी जी की भी पूजा का विधान है। कहा जाता है कि, इस महीने तुलसी माता की पूजा करने से घर में खुशहाली, सुख-समृद्धि आती है और भगवान विष्णु व मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।
इसके अलावा, तुलसी पूजन से कुंडली केदोष भी कम होते और वातावरण को शुद्ध करता है, जिससे बुरी शक्तियां दूर भागती है। इसके अलावा, इस महीने में तुलसी पूजा करने से रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता आती है।
कार्तिक मास में कैसे करें तुलसी की पूजा
- ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें।
- फिर तांबे या पीतल के लोटे से तुलसी पर जल चढ़ाएं।
- तुलसी पर कुमकुम, रोली का तिलक लगाए और अक्षत चढ़ाएं।
- फिर तुलसी माता को उनकी पसंद के फूल चढ़ाएं।
- तुलसी माता को मिठाई या सात्विक चीजों का भोग लगाएं।
- तुलसी के पौधे की 4 या 7 बार परिक्रमा करनी चाहिए।
- अंत में तुलसी के मंत्रों का जाप और तुलसी माता की आरती करें।
इसे भी पढ़े-करवा चौथ पर बन रहे हैं कुछ ग्रहों के विशेष संयोग, कर्क समेत इन राशि के जातकों होगा प्रेम का संचार
कार्तिक मास में तुलसी पर दिया कब जलाएं
कार्तिक मास में तुलसी पर दीपक रोजाना शाम के समय जलाना चाहिए, खासतौर पर सूर्यास्त के बाद यह दीपक घी या तिल के तेल से जलाएं, देसी गाय के घी का इस्तेमाल करना बहुत शुभ माना जाता है। इस माह में सुबह-शाम तुलसी की पूजा का भी विशेष महत्व है।
तुलसी की कितनी परिक्रमा करनी चाहिए
कार्तिक मास में तुलसी की 7, 11, 21, 51, या 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि इससे जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं और श्रीहरि की विशेष कृपा बनी रहती है।
