Karwa Chauth: करवा चौथ 2026: चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन से मंत्र बोलें? जानें पूजा की सही विधि

Karwa Chauth Mantra: करवा चौथ 2026 पर चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन से मंत्र बोलें? जानें चंद्र देव की पूजा, मंत्रों का अर्थ और अर्घ्य देने की सरल विधि, ताकि आप श्रद्धा से पूजा कर सकें।

Chandra Dev Ki Puja Kaise Kare
करवा चौथ पर मंत्र जापफोटो.सोशल मीडिया
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Highlights

  • करवा चौथ पर चांद को जल चढ़ाते समय मंत्र जाप करें।

  • ‘ॐ सोमाय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं।

  • चांद निकलने के बाद पूजा की परंपरा निभाएं।

  • छलनी से चांद देखने की परंपरा कई घरों में है।

  • पूजा में परिवार की सुख-शांति की कामना करें।

Chandra Dev Ki Puja Kaise Kare:करवा चौथ का व्रत विवाहित महिलाओं के लिए खास धार्मिक महत्व रखता है। इस दिन चंद्रमा के दर्शन करने और उन्हें अर्घ्य देने की परंपरा निभाई जाती है। चंद्रमा को जल अर्पित करते समय मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। आइए जानते हैं अर्घ्य देने के मंत्र, उनके अर्थ और पूजा से जुड़ी जरूरी बातें।

चंद्रमा को अर्घ्य देते समय कौन-सा मंत्र बोलें?

करवा चौथ पर चंद्र देव को अर्घ्य देते समय सरल मंत्र का जाप किया जा सकता है:

मंत्र: ॐ सोमाय नमः।

इस मंत्र का अर्थ है चंद्र देव को नमन करना। पूजा के दौरान इसे श्रद्धापूर्वक बोल सकते हैं। इसके अलावा, कुछ परंपराओं में चंद्रमा की स्तुति के लिए इस मंत्र का भी जाप किया जाता है:

मंत्र: ॐ चन्द्राय नमः।

दोनों मंत्र छोटे और आसानी से याद किए जा सकते हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार किसी एक मंत्र का जाप करना भी पर्याप्त है।

चंद्र देव की स्तुति का मंत्र और अर्थ

चंद्रमा की आराधना के लिए एक प्रचलित स्तुति इस प्रकार है:

दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।

नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥

इस स्तुति में चंद्र देव के सुंदर, शीतल और उज्ज्वल स्वरूप का वर्णन किया गया है। पूजा के समय इसे पढ़कर चंद्र देव के प्रति श्रद्धा व्यक्त की जा सकती है।

करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य कैसे दें?

चंद्रोदय के बाद अपनी परंपरा के अनुसार पूजा की थाली लेकर चंद्रमा के दर्शन करें। करवे या लोटे में स्वच्छ जल लें और श्रद्धापूर्वक अर्घ्य अर्पित करें। इस दौरान ऊपर दिए गए मंत्रों में से किसी एक का जाप कर सकते हैं। इसके बाद हाथ जोड़कर परिवार की खुशहाली और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना करें।

छलनी से चांद देखने की क्या है परंपरा?

करवा चौथ पर छलनी से पहले चंद्रमा और फिर पति का चेहरा देखने की परंपरा कई परिवारों में प्रचलित है। इसके बाद पूजा पूरी करके व्रत खोलने की रस्म निभाई जाती है। क्षेत्र और परिवार के अनुसार इन रीति-रिवाजों में अंतर हो सकता है।

पूजा करते समय किन बातों का रखें ध्यान?

पूजा की सामग्री पहले से तैयार रखें और अपने शहर के अनुसार चंद्रोदय का समय देख लें। मंत्रों का उच्चारण अपनी सुविधा के अनुसार करें। धार्मिक मान्यताओं में मंत्र जाप को श्रद्धा और प्रार्थना का माध्यम माना जाता है; इसे किसी निश्चित परिणाम की गारंटी नहीं समझना चाहिए। व्रत के दौरान अपनी सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।


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