रातों-रात तैयार हुआ महादेव मंदिर, लोककथाओं में जिंदा है भूतों का किस्सा, भारत में यहां है स्थित
Importance of Kaknmath Temple: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के पास एक ऐसा ही ककनमठ शिवमंदिर स्थित है जिसे इंसानों ने नहीं भूतों ने रातों रात तैयार किया था।
- Written By: दीपिका पाल
रहस्यमयी महादेव मंदिर (सौ. सोशल मीडिया)
Mysterious Shiv Temple: भारत में कई मंदिर प्राचीन और प्रसिद्ध है जो किसी न किसी रूपों में महत्व रखते है। प्राचीन मंदिरों की खासियत है कि, हजारों सालों के निर्माण के बाद आज भी इस मंदिर की खूबसूरती बनी हुई है। कई मंदिरों की बनावट देखकर आज भी हर कोई इसकी तारीफ करते है। वास्तुकला और इतिहास को जानकर दोनों आकर्षित हो जाते है। आप नहीं जानते होंगे कुछ मंदिर ऐसे भी है जिनके रहस्य जानकर पैरों तले जमीन खिसक जाएं। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के पास एक ऐसा ही ककनमठ शिवमंदिर स्थित है जिसे इंसानों ने नहीं भूतों ने रातों रात तैयार किया था।
115 फुट ऊंचाई पर बना है मंदिर
बताते चलें, यह ककनमठ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और जमीन से लगभग 115 फुट ऊंचाई पर बना हुआ है। मंदिर प्राचीनकाल के दौरान तैयार हुआ था। मौजूदा समय में मंदिर थोड़ी खंडहर की स्थिति में है, लेकिन यहां जाने पर आपको शिवलिंग और कई टूटे-फूटे अवशेष दिखाई देंगे। इस मंदिर तक आने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है तो वहीं पर रास्ते में दोनों तरफ कई खंभे दिखेंगे। मंदिर में मौजूद मूर्तियां काफी पुरानी हैं, कुछ टूटी हुई भी हैं, जिन्हें माना जाता है कि पहले के शासकों ने नुकसान पहुंचाया था। कई अवशेष आज ग्वालियर के म्यूजियम में रखे हुए हैं।
11 वीं सदी में हुआ था निर्माण
इतिहास के अनुसार बताया जाता है कि, इस ककनमठ मंदिर का निर्माण 11वीं सदी में कछवाहा वंश के राजा कीर्ति राज ने करवाया था। कहा जाता है कि रानी ककनावती भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त थीं, इसलिए मंदिर का नाम उनके नाम पर रखा गया। मौसम और समय की मार से कुछ हिस्से नष्ट हो गए हैं, लेकिन इसके बावजूद लोग भगवान शिव के दर्शन करने आते रहते हैं। इस मंदिर को लेकर दिलचस्प बात यह मानी जाती है कि, इस मंदिर का निर्माण इंसानों ने नहीं दैत्यों ने किया था।
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अधूरा है मंदिर का निर्माण
माना जाता है कि भूतों ने मिलकर मंदिर बनाना शुरू किया और जैसे ही सुबह हुई, उन्हें निर्माण बीच में ही छोड़ना पड़ा। इसलिए मंदिर आज भी अधूरा सा दिखाई देता है। यही वजह है कि इसे भूतों का मंदिर भी कहा जाता है। हालांकि, इस कहानी की कोई ठोस पुष्टि नहीं है, फिर भी ये रहस्य इसे और रोचक बनाता है।
आईएएनएस के अनुसार
