जानकी जयंती पर करें ये अचूक उपाय, विवाह और धन से जुड़ी समस्याएं होंगी दूर
Janaki Jayanti Sukh Samriddhi Upay: जानकी जयंती के पावन अवसर पर कुछ विशेष उपाय करने से आर्थिक तंगी से लेकर वैवाहिक जीवन से जुड़ी समस्याएं दूर होने की मान्यता है। जानिए इस दिन कौन-सा उपाय करना शुभ।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान राम, माता सीता और हनुमानजी (सौ.सोशल मीडिया)
Janaki Jayanti Ke Upay: माता सीता के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर जानकी जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष 9 फरवरी को मनाया जाएगा। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि, इसी दिन माता सीता धरती पर अवतरित हुई थीं। माता सीता को त्याग, प्रेम और अटूट धैर्य का प्रतीक माना जाता है।
यदि आप अपने वैवाहिक जीवन में खुशहाली चाहते हैं या जीवन की बाधाओं को दूर करना चाहते हैं, तो जानकी जयंती के दिन पूजा के साथ कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। आइए जानते है जानकी जयंती के दिन कौन-सा उपाय करना शुभ हो सकता हैं?
जानकी जयंती के दिन कौन-सा उपाय करना शुभ
आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय
ज्योतिषयों के अनुसार, आर्थिक तंगी दूर करने के लिए महालक्ष्मी अष्टकम का पाठ करें और माता को पीले रंग के फूल अर्पित करें। इसके बाद शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं। कहा जाता है कि, ऐसा करने से घर में दरिद्रता का नाश होता है और धन से जुड़ी समस्या दूर होती है।
सम्बंधित ख़बरें
Religious Tips: चरण स्पर्श से पहले जान लें ये नियम, शास्त्रों में बताया गया है किसके पैर नहीं छूने चाहिए
House Keys : घर में चाबियां यहां रखीं तो खुलेंगे सफलता के द्वार, गलत जगह रखीं तो बढ़ेंगी परेशानियां
Guruvar Upay: विवाह में देरी से हैं परेशान? गुरुवार को करें ये एक काम, जल्द बनेंगे शुभ संयोग
Astrology: ज्योतिष शास्त्र में इन नक्षत्रों को माना जाता है सबसे अशुभ, जीवन में ला सकते हैं कई परेशानियां
विवाह में आ रही रुकावट के लिए
जिन लोगों के विवाह में देरी हो रही है, उन्हें इस दिन माता जानकी के “ॐ जानकीवल्लभाय स्वाहा” मंत्र का जाप करना चाहिए। साथ ही माता सीता को सुहाग का सामान अर्पित करें। ऐसा करने से विवाह में आ रही रुकावट दूर होती है और शीघ्र विवाह के योग बनते है।
वैवाहिक जीवन में तनाव दूर करने के लिए
ऐसा कहा जाता है कि, यदि पति-पत्नी के बीच अक्सर तनाव रहता है, तो इस दिन माता सीता और भगवान श्रीराम की संयुक्त रूप से पूजा करें। माता सीता को लाल चुनरी और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें। बाद में यही सिंदूर अपनी मांग में लगाएं। ऐसी मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में चल रहा तनाव दूर होता है और दांपत्य जीवन खुशहाल होता है।
ये भी पढ़े:-साल 2026 में कब है जानकी जयंती? इस विधि से पूजा करने पर मिलेगा माता सीता का विशेष आशीर्वाद
पारिवारिक शांति के लिए
ज्योतिष बताते है कि, पारिवारिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा के लिए जानकी जयंती के दिन सुंदरकांड या रामायण के राम-सीता विवाह प्रसंग का पाठ घर के माहौल को हल्का और सकारात्मक बनाता है। जिन घरों में अक्सर तनाव रहता है, वहां यह पाठ आपसी समझ को मजबूत करने में सहायक माना जाता है।
ऐसा कहा जाता है कि आस्था एवं विश्वास के साथ संतुलन भी जरूरी यह जरूरी है कि इन उपायों को अंधविश्वास की बजाय आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ किया जाए। जानकी जयंती हमें सिखाती है कि धैर्य और संयम से बड़े-से-बड़े संकट भी पार किए जा सकते हैं। जब मन और चित शांत होता है, तो समाधान अपने-आप दिखाई देने लगते हैं।
