धैर्य और समर्पण की मिसाल, शबरी जयंती कब है? जानें इस दिन कैसे की जाती है शबरी माता की पूजा
Shabari Mata:शबरी जयंती फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धा के साथ शबरी माता और भगवान श्रीराम की पूजा करने से सुख-शांति और प्रभु राम की विशेष कृपा प्राप्त होती है
- Written By: सीमा कुमारी
शबरी माता और भगवान श्रीराम (सौ.सोशल मीडिया)
Shabari Jayanti Kab Hai 2026:हिन्दू धर्म के पवित्र ग्रंथ रामायण में कई पात्रों का वर्णन किया गया है। इन्हीं पात्रों में से माता शबरी का नाम भी शामिल है। माता शबरी को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के प्रति अपनी अटूट भक्ति के लिए जाना जाता है।
माता शबरी ने भगवान श्री राम को जूठे बेर प्रेम से खिलाए थे। भगवान ने भी उनकी भक्ति को पूर्ण करने के लिए उनके जूठे बेर खाए थे। माता शबरी की जयंती हर साल फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इस साल माता शबरी जयंती का पर्व 8 फरवरी 2026, रविवार के दिन ही मनाया जाएगा।आइए जानते है साल 2026 में शबरी जयंती का पर्व कब मनाया जाएगा और इससे जुड़ी तमाम बातें-
कब है साल 2026 में शबरी जयंती
पंचांग के अनुसार, जिस फाल्गुन मास के कृष्णपक्ष की सप्तमी तिथि को शबरी जयंती का पर्व मनाया जाता है, वह इस साल 08 फरवरी 2026 को पूर्वाह्न 02:54 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 09 फरवरी 2026 को प्रात:काल 05:01 बजे तक रहेगी।
सम्बंधित ख़बरें
Hindu Tradition: परीक्षा या किसी शुभ काम से पहले दही-चीनी क्यों खिलाई जाती है? जानिए इसके आयुर्वेदिक महत्व
Ganesh Chalisa: बुधवार को इस विधि से करें श्री गणेश चालीसा का पाठ, हर संकट होगा दूर
Vastu Tips: आर्थिक तंगी से हैं परेशान? दीपक का ये उपाय बदल सकता है आपकी तकदीर
श्रीकृष्ण जन्मभूमि कार सेवा पर स्वामी सच्चिदानंद का ऐलान, 9 अगस्त को चित्रगुप्त पीठ में होगा भूमि पूजन
ऐसे में इस साल शबरी जयंती का पर्व 08 फरवरी 2026, रविवार के दिन ही मनाया जाएगा।
कैसे करें शबरी जयंती पर शबरी माता की पूजा
- शबरी जयंती के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान-ध्यान करें।
- उगते हुए सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें, क्योंकि भगवान श्रीराम सूर्यवंशी थे।
- शबरी माता और भगवान श्रीराम का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
- पूजा घर या ईशान कोण में भगवान श्रीराम के साथ शबरी माता का चित्र स्थापित करें।
- चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप-दीप, फल और मिष्ठान अर्पित कर विधिवत पूजा करें।
- पूजा में भगवान श्रीराम को बेर का फल अवश्य चढ़ाएं।
- मान्यता है कि इससे प्रभु श्रीराम शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
- पूजा के अंत में भगवान श्रीराम की आरती करें।
- पूरे दिन फलाहार करते हुए शबरी जयंती का व्रत रखें।
ये भी पढ़े:- आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी पर अवश्य पढ़ें ये कथा, जीवन की हर मुश्किल होगी दूर
शबरी जयंती पर करें इन मंत्रो का जाप
हिंदू में किसी भी देवी या देवता की पूजा में मंत्र का बहुत ज्यादा महत्व बताया गया है। ऐसे में शबरी जयंती वाले दिन आपको भगवान राम की कृपा बरसाने वाले श्री राम रक्षा स्तोत्र का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए।
यदि आप ये न कर पाएं तो नीचे दिये गये शबरी माता और उनके आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के मंत्र का विशेष रूप से जप करना चाहिए।
‘ॐ श्री रामाय नमः’
‘श्री राम जय राम जय जय राम’
‘राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे.
सहस्त्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने.’
‘शबरी शरणं गच्छ शरणं शरणं गच्छ.
राम के पांवों में शरण दो, जीवन में सुख दो.’
