कितने दिनों में दरवाजे से हटा देना चाहिए आम के पत्ते का तोरण, वरना जानिए क्या होगा!

Toran Bandhanwar: वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य दरवाजे पर लगाए जाने वाले तोरण यानी वंदनवार से जुड़े कई नियम बताए गए हैं, जिन्हें दिवाली और छठ से पहले हर किसी को जान लेना चाहिए।
कितने दिनों में दरवाजे से हटा देना चाहिए आम के पत्ते का तोरण, वरना जानिए क्या होगा!
तोरण कितने दिनों बाद हटा देना चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
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Vastu Tips for Toran Bandhanwar: सनातन धर्म में किसी भी मांगलिक काम या फिर तीज-त्योहार पर घर के मेन दरवाजे पर बंदनवार लगाना शुभ माना जाता है। आपको बता दें, घर के मेन दरवाजे पर तोरण यानी बंदनवार लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। बंदनवार के लिए लोग आम के पत्ते, फूल या फिर आर्टिफिशियल का इस्तेमाल करते है। मान्यता के हिसाब से आम के पत्ते से बने बंदनवार का विशेष महत्व होता है।

हिंदू धर्म में आम के पत्तों को बेहद ही शुभ माना जाता है। इसकी लकड़ियों को भी मांगलिक कामों जैसे शादी और कथा इत्यादि के हवन में इस्तेमाल करते हैं। बात की जाए आम के पत्तों के बंदनवार की तो इसे कितने दिनों तक दरवाजे तक लगे रहना चाहिए? इस सवाल के जवाब को लेकर कई लोग कन्फ्यूज होते हैं। ऐसे में आइए जानते है वास्तु विशेषज्ञ से इस बारे में-

मुख्य द्वार पर लगा तोरण कितने दिनों बाद हटा देना चाहिए

मान्यता के हिसाब से आम के पत्तों के बंदनवार को सूखते ही हटा देना चाहिए। इसे लेकर कोई तयशुदा डेट तो नहीं है। अमूनन 2 हफ्ते तक ये ताजे रहते हैं। ऐसे में 12 से 15 दिन के अंदर बंदनवार को हटाना सही रहता है।

कहा जाता है कि सूखे हुए बंदनवार से घर में वास्तु-दोष लग जाता है। साथ ही, घर की सकारात्मक ऊर्जा में भी बाधा पड़ने लगती है। वहीं समय-समय पर इसे बदलते रहने से घर की सकारात्मक ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। आम के पत्ते घर में सुख-समृद्धि ले आते हैं। ऐसे में इसका ताजा होना बहुत जरूरी है।

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आम के पत्तों से जुड़े शुभ उपाय

आम के पत्ते न सिर्फ तोरण बनाने के लिए उपयोगी हैं, बल्कि इन्हें कई धार्मिक उपायों में भी इस्तेमाल किया जाता है। यदि पूजा के बाद गंगाजल को आम के पत्ते की सहायता से घर के कोनों में छिड़का जाए, तो इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में खुशहाली बनी रहती है। ऐसा माना जाता है कि यह उपाय बुरी नजर से रक्षा करता है और आर्थिक स्थिरता बढ़ाने में भी सहायक होता है।

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