Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पति-पत्नी को एक ही थाली में क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए भोजन के नियम और माता लक्ष्मी की कृपा का संबंध

Khane Ke Niyam:धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पति-पत्नी को एक ही थाली में भोजन करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से घर में असंतुलन और कलह की स्थिति पैदा हो सकती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: May 23, 2026 | 03:17 PM

भोजन करने के नियम (सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Husband Wife Eating Habits :आज भी जब महाभारत की चर्चा होती है तो भीष्म पितामह की प्रतिज्ञा, उनका त्याग और उनका ज्ञान सबसे पहले याद किया जाता हैं। उनकी कहानी हर युग में लोगों को यह सिखाती है कि सच्चा योद्धा वही है जो अपने कर्तव्य को सबसे ऊपर रखता हैं।

धर्म शास्त्रों में भोजन करने के कई नियम बताए गए हैं, लेकिन मान्यता है कि खाना खाते वक्त भीष्म का फॉर्मूला अपना लिया तो कभी दरिद्रता नहीं आएगी। आइए जानते है भीष्म पितामह ने भोजन को लेकर क्या बातें बताई हैं?

हिंदू शास्त्रों और महाभारत में भीष्म पितामह द्वारा भोजन से जुड़े कुछ सख्त नियम बताए गए हैं, जिन्हें अपनाने से घर में दरिद्रता दूर होती है और मां लक्ष्मी का वास होता है।

सम्बंधित ख़बरें

Adhik Masik Durgashtami 2026: दुर्गा अष्टमी के दिन इस विधि से करें मां दुर्गा की पूजा, मिलेगा शुभ फल

Hanuman Mantra: हनुमान जी के इन चमत्कारिक मंत्रों का करें जाप, सारे कष्टों और भय से मिलेगी मुक्ति

Malmas 2026: शुरू हो चुका है ‘मलमास’ 2026, इन वस्तुओं के दान से मिलेगा महापुण्य, सुख-समृद्धि के बनेंगे योग

Gangajal Rakhne Ke Niyam: घर में किस जगह और कैसे रखें गंगाजल? जानिए कैसे गंगाजल से जुड़ा है भाग्योदय का योग

भीष्म पितामह के अनुसार भोजन की थाली के मुख्य नियम

  • पैर लगी थाली

भीष्म पितामह के अनुसार, जिस भोजन की थाली को किसी का पैर लग जाए, वह भोजन अशुद्ध माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं में ऐसे भोजन को नाले की गंदगी या कीचड़ के समान बताया गया है। इसलिए ऐसी थाली का भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए और भोजन के प्रति हमेशा सम्मान और शुद्धता का भाव रखना चाहिए।

  • पति-पत्नी की एक थाली में भोजन

आज के दौर में पति-पत्नी का एक थाली में भोजन करना आम बात है, मान्यता के अनुसार भले ही इसे दांपत्य जीवन में मिठास बनाए रखने का तरीका माना गया हो लेकिन भीष्ण ने इसे अनुचित माना है। भीष्म के अनुसार, पति-पत्नी को एक ही थाली में भोजन करने से बचना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से घर-परिवार में कलह और विवाद बढ़ सकते हैं। मान्यता है कि भोजन हमेशा मर्यादा, शुद्धता और सकारात्मक भाव के साथ ग्रहण करना चाहिए, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहे।

ये भी पढ़ें-Adhik Masik Durgashtami 2026: दुर्गा अष्टमी के दिन इस विधि से करें मां दुर्गा की पूजा, मिलेगा शुभ फल

  • थानी में बाल गिर जाए

भीष्म पितामह के अनुसार, जिस भोजन में बाल गिर जाए वह भोजन खाने योग्य नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं में कहा गया है कि ऐसे भोजन का सेवन करने से नकारात्मकता और दरिद्रता का प्रभाव बढ़ सकता है। इसलिए भोजन की शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

  • एक साथ भोजन करना

भीष्म पितामह के अनुसार, जिस घर में परिवार के लोग प्रेम और एकता के साथ मिलजुलकर भोजन करते हैं, वहां कभी धन और अन्न की कमी नहीं होती। मान्यता है कि ऐसे घर में मां लक्ष्मी का वास बना रहता है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहता है। धार्मिक दृष्टि से एकता और अपनापन से ग्रहण किया गया भोजन अमृत के समान माना गया है।

Husband wife one plate food rules and maa lakshmi beliefs

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 23, 2026 | 03:17 PM

Topics:  

  • Dharma
  • Religion News
  • Vastu Tips

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.