इस साल कितने दिनों का रहने वाला हैं दीपोत्सव, धनतेरस दो दिन!
Diwali 2025:इस बार दीपोत्सव पांच दिन न होकर छह दिन होने वाला है। 18 अक्टूबर को दोपहर बाद से धनतेरस लग जाएगा और 19 तक रहेगा। इस साल दो दिन धनतेरस होने के कारण पांच नहीं छह दिन का दीपोत्सव मनाया जाएगा।
- Written By: सीमा कुमारी
ये है दीवाली की पूरी लिस्ट (सौ.सोशल मीडिया)
Six Day Diwali in 2025: अब कुछ ही दिनों में दीपोत्सव का महापर्व दिवाली आने वाली है। आपको बता दें, इस साल का दीपोत्सव बेहद खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार यह पर्व सामान्यतः पांच नहीं, बल्कि छह दिनों तक मनाया जाने वाला है। पंचांग के अनुसार, तिथियों में आए बदलाव के चलते हर दिन का महत्व थोड़ा अलग रहेगा।
इस बार पांच दिवसीय का पर्व 18 अक्टूबर से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक यह त्योहार उल्लास, पूजा-पाठ और परंपराओं का संगम रहेगा। बता दें, धनतेरस से लेकर दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाई दूज तक हर दिन का अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल के दीपोत्सव के खास दिनों का महत्व और इस दौरान किस दिन क्या करना मंगलकारी रहेगा।
ये है दीवाली की पूरी लिस्ट
18 अक्टूबर धनतेरस
19 अक्टूबर छोटी दिवाली
20 अक्टूबर दिवाली
21 अक्टूबर अमावस्या तिथि
22 अक्टूबर गोवर्धन पूजा
23 अक्टूबर भाई दूज
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दीवाली की तिथि यहां से समझें
अगर आप इस कैलेंडर को ध्यान से समझें तो 18 अक्टूबर के दोपहर 12:19 तक द्वादशी तिथि ही रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि लग जाएगी। 18 अक्टूबर को दिन से लेकर रात तक त्रयोदशी तिथि रहेगी, इसलिए इसी दिन धनतेरस का त्योहार मनाना शुभ रहेगा।
फिर, 19 अक्टूबर को भी त्रयोदशी तिथि दोपहर 01 बजकर 51 मिनट तक रहेगी। इसलिए आप त्रयोदशी की पूजा और खरीदारी इस दिन भी कर सकेंगे। 19 अक्टूबर का दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा के लिए भी शुभ है।
हर साल कार्तिक कृष्ण की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी या छोटी दिवाली मनाई जाती है और कार्तिक कृष्ण की चतुर्दशी 20 अक्टूबर 2025 को रहेगी। इस दिन चतुर्दशी तिथि दोपहर 3:45 तक रहेगी।
इसके बाद अमावस्या तिथि लग रही है। अमावस्या तिथि के प्रदोष काल में ही लक्ष्मी पूजन का विधान है। इसलिए 20 अक्टूबर को ही सुबह नरक चतुर्दशी मनाई जाएगी और फिर शाम के समय प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। यानी 20 को ही दिवाली मनेगी।
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फिर दिवाली के अगले दिन और दीपोत्सव के चौथे दिन गोवर्धन पूजा होता है। लेकिन गोवर्धन तो कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा तिथि को मनाई जाती है, जबकि इस दिन सुबह से लेकर दोपहर तक अमावस्या तिथि ही रहने वाली है।
इसलिए गोवर्धन पूजा 21 अक्टूबर को न होकर 22 अक्टूबर को होगी। 22 अक्टूबर को उदयातिथि के अनुसार कार्तिक शुक्ल की प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसलिए 22 अक्टूबर को गोवर्धन पूजा के साथ अन्नकूट भी मनाया जाएगा। आखिर में अब 23 अक्टूबर दीपोत्सव का छठा दिन रहेगा, जिसमें भाई दूज मनाई जाएगी।
