कुंडली में पितृदोष है, जीवन कष्टमय है, तो 25 जून आषाढ़ी अमावस्या के दिन कर लें ये 5 उपाय, बनने लगेंगे शुभ योग

अमावस्या का दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए लाभकारी माना गया हैं। ऐसे में अगर आप भी पितृ दोष दूर करना चाहते हैं, तो चलिए आपको बताते हैं कि आप आषाढ़ अमावस्या पर क्या उपाय कर सकते हैं।
कुंडली में पितृदोष है, जीवन कष्टमय है, तो 25 जून आषाढ़ी अमावस्या के दिन कर लें ये 5 उपाय, बनने लगेंगे शुभ योग
पितृ दोष दूर करने के उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
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25 जून 2025, बुधवार को आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी। हर महीने की अमावस्या का एक अलग महत्व होता है, लेकिन आषाढ़ अमावस्या की बात ही अलग है। यह दिन सिर्फ एक धार्मिक तिथि नहीं, बल्कि एक खास अवसर है जब हम अपने पितरों को याद कर सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर जीवन में बार-बार अड़चनें आ रही हैं, मानसिक बेचैनी बनी रहती है या कोई वजह समझ में नहीं आ रही, तो कई बार यह पितृ दोष के संकेत हो सकते हैं। ऐसे में आषाढ़ अमावस्या एक अच्छा मौका है जब आप कुछ सरल और प्रभावशाली उपाय करके राहत पा सकते हैं। ऐसे में आइए जानते है आषाढ़ अमावस्या के दिन की जाने वाली विशेष उपायों के बारे में।

आषाढ़ अमावस्या को पितृ दोष दूर करने के उपाय

पवित्र जल से स्नान और तर्पण करें

ज्योतिष शास्र के अनुसार,अमावस्या के दिन आप पवित्र नदी में स्नान करें। अगर नहीं जा सकते हैं तो फिर घर में ही नहाने वाली बाल्टी में गंगाजल की कुछ बूंदें मिलाकर नहा लीजिए। इसके बाद पितरों को तर्पण और अर्पण करें।

पितरों के लिए भोजन और दीपदान

अमावस्या के दिन घर की दक्षिण दिशा में सरसों के तेल का दीपक जलाएं जिसमें काले तिल डाले हों। साथ ही गाय, कुत्ते, कौए और चिड़िया को रोटी या चावल खिलाएं। मान्यता है कि इन जीवों के माध्यम से पितरों को तृप्ति मिलती है।

ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा करें

अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर नहाएं और आंगन या छत पर एक सफेद कपड़ा बिछाएं। उस पर काले तिल और चावल रखें और दीपक जलाएं। फिर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके ‘ॐ पितृदेवताभ्यः नमः’ मंत्र को 11 बार बोलें। यह उपाय पितरों को प्रसन्न करता है।

विष्णु भगवान के 108 नामों का जाप करें

इस दिन विष्णु जी की पूजा करने से मन को शांति और जीवन को स्थिरता मिलती है। आप तुलसी दल, पीले फूल और पंचामृत से भगवान विष्णु की पूजा करें और उनके 108 नामों का जाप करें।

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पितरों की तस्वीर साफ करें और उन्हें स्मरण करें

घर में रखी हुई पितरों की तस्वीर को साफ करें, माला चढ़ाएं और शांत मन से उन्हें याद करें। इससे न सिर्फ श्रद्धा प्रकट होती है, बल्कि उनका आशीर्वाद भी बना रहता है।

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