Hariyali Teej 2026: अगस्त में ‘इस’ दिन मनेगी हरियाली तीज, नोट कीजिए पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त और और पूजा विधि
Hariyali Teej 2026 Fasting Rules: हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती है।
- Written By: सीमा कुमारी
हरियाली तीज (सौ.सोशल मीडिया)
Hariyali Teej Kab Hai: 30 जुलाई 2026 से सावन महीने की शुरुआत होने जा रही है। सावन माह हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण महीना है जोकि देवाधिदेव भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है। इसी के साथ सावन में कई पर्व-त्योहार भी पड़ते हैं। इन्ही में से ही हरियाली तीज का पर्व भी।
यह दिन विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि, इस तिथि पर महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, तरक्की और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं।
कब रखा जाएगा हरियाली तीज 2026
द्रिक पंचांग के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि 14 अगस्त 2026 को शाम 6:46 बजे शुरू होगी और 15 अगस्त 2026 को शाम 5:28 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार पर्व मनाने की परंपरा होने के कारण हरियाली तीज का व्रत और पूजा 15 अगस्त 2026, शनिवार को की जाएगी।
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हरियाली तीज 2026 शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:35 तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:17 से 01:08 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:51 से 03:42 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:06 से 07:29 तक
- अमृत काल: रात 08:18 से 09:53 तक
हरियाली तीज पर कैसे करें पूजा?
- ज्योतिषयों के अनुसार, हरियाली तीज से एक दिन पूर्व व्रती को सात्विक आहार लेना चाहिए और हाथों में मेहंदी रचानी चाहिए।
- व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और नए वस्त्र धारण करें। ध्यान रखें हरियाली तीज पर काले, बैंगनी या स्लेटी रंग के वस्त्र न पहनें।
- वस्त्र पहनकर 16 श्रृंगार करें और फिर पूजाघर में दीप जलाकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद संध्याकाल में तीज की विधि-विधान से पूजा करें।
- पूजा के लिए महादेव और माता पार्वत की मिट्टी की मूर्ति बनाएं। अगर मूर्ति न बना पाएं तो बाजार से मिट्टी की मूर्ति खरीद सकते है, जिसमें माता पार्वती और शिवजी एक साथ विराजमान हों।
- किसी चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर मूर्ति को स्थापित करें और फिर पूजा करें। माता पार्वती को सिंदूर लगाए और सुहाग का सामान अर्पित करें। महादेव को फल, फूल, धूप आदि अर्पित करें।
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क्या है हरियाली तीज का आध्यात्मिक महत्व ?
सनातन धर्म में हरियाली तीज का बड़ा महत्व है। यह त्योहार पति की लंबी उम्र के लिए मनाया जाता है। पत्नियां अपने पति के लिए इस त्योहार पर व्रत रखती हैं। इस दिन शिवजी और पार्वती मां की पूजा कि जाती है, इस अवसर पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों तक कठोर तप किया था। उनकी तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ने उन्हें पत्नी के रूप में स्वीकार किया। तभी से हरियाली तीज का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते और अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर वैवाहिक जीवन में सुख बना रहता है। अविवाहित लड़कियां अच्छे वर की कामना से यह व्रत रखती हैं।
