भगवान हनुमान (सौ.सोशल मीडिया)
Hanuman Chalisa Padhne ke kya Hai Niyam : मंगलवार का दिन भगवान श्रीराम के परमभक्त पवनपुत्र हनुमान जी का माना जाता है। रामभक्त हनुमान को समर्पित हनुमान चालीसा की चौपाइयों को हर दिन लाखों की संख्या में भक्तों के द्वारा पढ़ा व सुना जाता है। प्रसिद्ध संत तुलसीदास जी ने इस अद्भुत हनुमान चालीसा की रचना की थी।
सनातन धर्म में ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान हनुमान का स्मरण कर, हनुमान चालीसा का पाठ करते है, उनके जीवन से सभी दुःख एवं बाधाएं दूर हो जाती है।
लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान चालीसा के पाठ से जुड़े कुछ खास नियम भी होते हैं। यदि आप भी नियमित रूप से इसका पाठ करते हैं, तो इन नियमों की अनदेखी करना नुकसानदायक हो सकता है।
हनुमान चालीसा का पाठ करते समय स्वच्छता, पवित्रता और एकाग्रता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि इसके बिना बजरंगबली की कृपा नहीं मिलती। भूलकर भी अशुद्ध अवस्था में, अपशब्द बोलते हुए, या बीच में किसी से बात करते हुए पाठ न करें।
इसके अलावा, पाठ के दौरान मन में नकारात्मक विचार लाना, गलत उच्चारण करना या तामसिक भोजन का सेवन करना भी बजरंगबली को अप्रसन्न कर सकता है।
बिना स्नान किए या अशुद्ध वस्त्र पहनकर पाठ करना सबसे बड़ी गलती है।
पाठ करते समय ध्यान इधर-उधर भटकना या गलत जगह बैठकर पाठ करना (जैसे गंदे स्थान पर) फलदायी नहीं होता है।
हनुमान चालीसा के शब्दों का गलत उच्चारण न करें, पाठ स्पष्ट और पूरी श्रद्धा से होना चाहिए।
हनुमान चालीसा का पाठ करने वालों को मांस-मदिरा या तामसिक भोजन (प्याज-लहसुन) का त्याग करना चाहिए।
पाठ शुरू करने के बाद, बीच में उठकर किसी से बात न करें या कहीं बाहर न जाएं।
पाठ करते समय मन में गलत या नकारात्मक विचार न लाएं।
हनुमान चालीसा का पाठ हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इसे श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से व्यक्ति को भय, रोग और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से आत्मबल बढ़ता है, बुद्धि तेज होती है और जीवन की कठिनाइयों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है।
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ऐसा माना जाता है कि बजरंगबली की कृपा से साधक पर भगवान श्रीराम और शिव-पार्वती का भी आशीर्वाद बना रहता है। मंगलवार और शनिवार को किए गए पाठ को विशेष फलदायी माना गया है, लेकिन सच्ची श्रद्धा के साथ किया गया दैनिक पाठ भी अत्यंत शुभ होता है।