देवी दुर्गा (सौ.सोशल मीडिया)
Gupt Navratri Devi Bhog: आज से माघ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व शुरु हो गया है। यह पर्व सनातन धर्म में आदि शक्ति देवी दुर्गा की उपासना का विशेष महापर्व माना जाता है। गुप्त नवरात्रि के दौरान साधक और श्रद्धालु विशेष रूप से मां दुर्गा की आराधना, जप और साधना करते हैं।
इन नौ दिनों में माता रानी के भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं। साथ ही हर दिन मां को उनके प्रिय भोग चढ़ाते हैं। ऐसी मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में की गई साधना अत्यंत फलदायी होती है और इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का विशेष महत्व तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना से भी जुड़ा हुआ है। इस दौरान भक्त संयम, श्रद्धा और नियमों का पालन करते हुए देवी उपासना करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को शक्ति, सुख और सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं।
दस महाविद्याओं मां दुर्गा के प्रथम स्वरुप में मां काली को हलवा और काली उड़द की खिचड़ी का भोग लगाना बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि, इससे शत्रुओं का नाश होता है।
मां तारा को सफेद चावल और चीनी का भोग प्रिय है। इसे अर्पित करने से व्यक्ति को ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
देवी को खीर, पंचामृत और केसरिया दूध का भोग लगाया जाता है। इस भोग को अर्पित करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
मां भुवनेश्वरी को पके हुए ताजे फल और मिठाई अर्पित करना चाहिए। इससे समाज में मान-सम्मान मिलता है।
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देवी को उड़द की दाल प्रिय है। ऐसे में इन्हें उड़द की दाल से बनी चीजें जरूर चढ़ाएं। ऐसा करने से कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय और साहस प्राप्त होता है।
मां भैरवी को मावे की मिठाई या गुड़ से बने पकवान अर्पित किए जाते। इससे हर प्रकार के डर का नाश होता है।
देवी के इस स्वरूप को नमक वाली चीजें जैसे बड़ा या कचौड़ी चढ़ाना शुभ माना जाता है।
मां बगलामुखी को पीली चीजों का भोग लगाया जाता है, जैसे पीली मिठाई, बेसन के लड्डू या फिर केसरिया भात। कहते हैं कि इससे शत्रुओं से छुटकारा मिलता है।
इन्हें पान का बीड़ा और फल का भोग चढ़ाना कल्याणकारी माना जाता है।
देवी कमला को नारियल, खीर और मखाने का भोग लगाया जाता है। इससे घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।