इस कथा के बिना अधूरी रह जाएगी ‘गोवर्धन पूजा’, जानिए पूजा का सही मुहूर्त
श्री कृष्ण को समर्पित गोवर्धन पूजा का पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि उपासना करने से साधक को जीवन के समस्त दुख और संताप से मुक्ति मिलती है।
- Written By: सीमा कुमारी
इस कथा के बिना अधूरी रह जाएगी 'गोवर्धन पूजा'
Govardhan Puja 2024:हिंदू धर्म में दीवाली के बाद गोवर्धन पूजा मनाया जाता है। इस साल गोवर्धन पूजा का त्योहार 2 नवंबर शनिवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, श्री कृष्ण को समर्पित यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि उपासना करने से साधक को जीवन के समस्त दुख और संताप से मुक्ति मिलती है। ऐसे में आइए जानते हैं गोवर्धन पूजा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और कथा-
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गोवर्धन पूजा 2024 तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 1 नवंबर शाम 6:16 से शुरू होगी और इस तिथि का समापन 2 नवंबर रात्रि 8:20 का होगा गोवर्धन पूजा का आयोजन सुबह के समय किया जाता है।
इसलिए यह पर्व 2 नवंबर 2024, शनिवार के दिन मनाया जाएगा। इस दिन गोवर्धन पूजा का समय है सुबह 6:35 से सुबह 8:45 के बीच रहेगा। वहीं संध्या पूजा के लिए शाम 3:25 से शाम 5:35 के बीच शुभ समय रहेगा।
गोवर्धन पूजा की कथा
सनातन धर्म में गोवर्धन पूजा का बड़ा महत्व है। इस दिन भगवान कृष्ण की पूजा होती है। इस शुभ दिन को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं। हिंदू धर्मग्रंथ, भागवत पुराण के अनुसार, एक समय की बात जब गोकुलवासी इंद्र देव की पूजा करते थे, लेकिन एक दिन भगवान कृष्ण ने उन्हें भगवान इंद्र की पूजा न करने और गोवर्धन पहाड़ी की पूजा करने के लिए कहा।
सभी लोगों ने कृष्ण की बात मानकर अन्नकूट की पूजा प्रारंभ कर दी। इस बात से भगवान इंद्र अति क्रोधित हो गए और उन्होंने मूसलाधार बारिश करना शुरू कर दिया, जिससे गोकुल में कोहराम मच गया।
तब भगवान कृष्ण ने गोकुलवासियों को भगवान इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए पूरे गोवर्धन पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठा लिया था। श्रीकृष्ण की दिव्य शक्तियों को पहचानकर इंद्र देव शांत हो गए और उन्हें अपनी गलती का एहसास हुआ, जिसके लिए उन्होंने क्षमा मांगी और बारिश बंद कर। तभी से गोवर्धन पर्वत की पूजा की शुरुआत हुई।
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