

Ganpati Visarjan Kaise Kare: अपार्टमेंट या फ्लैट में रहते हैं और गणपति विसर्जन के लिए नदी या तालाब तक जाना संभव नहीं हो पाता है? ऐसे में आप घर पर ही विधि-विधान से गणपति बप्पा का विसर्जन कर सकते हैं। इसके लिए नीचे बताई गई विधि का पालन करें और पूरे नियमानुसार बप्पा की विदाई करें। इसके लिए एक साफ बाल्टी या बड़े टब की जरूरत होगी।
विसर्जन से पहले गणपति बप्पा को फूल, दूर्वा और मोदक का भोग लगाएं। इसके बाद आरती करें और पूजा में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें।
गणेश भगवान की मूर्ति के आकार के अनुसार एक साफ और शुद्ध बाल्टी या टब लें। उसमें इतना पानी भरें कि गणपति की प्रतिमा पूरी तरह डूब सके। चाहें तो इसे फूलों और दीपक से सजा सकते हैं।
गणपति बप्पा को उनके आसन से श्रद्धापूर्वक उठाकर पानी में रखें। इस दौरान गणपति मंत्र "ॐ यान्तु देवगणा: सर्वे पूजामादाय मामकीम्। इष्टकामसमृद्धयर्थं पुनर्अपि पुनरागमनाय च॥" का जाप करें और 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' का जयघोष करें।
अगर प्रतिमा मिट्टी की है तो उसे पानी में प्राकृतिक रूप से घुलने दें। मूर्ति को जबरदस्ती तोड़ने या जल्दी घोलने की कोशिश न करें। मिट्टी की प्रतिमा पानी में धीरे-धीरे घुल जाती है।
गणेश जी की मूर्ति पूरी तरह घुलने के बाद पानी को नाली या सड़क पर न बहाएं। इसे घर के गमलों, पेड़-पौधों या बगीचे की मिट्टी में डाल सकते हैं। इससे विसर्जन के बाद की सामग्री का बेहतर तरीके से उपयोग हो सकेगा और बप्पा की मूर्ति सालों भर आपके घर में ही रहेगी।
विसर्जन के लिए इस्तेमाल होने वाला टब या बाल्टी साफ व शुद्ध होनी चाहिए। साथ ही, पूजा की फूल-माला, सजावटी सामग्री और अन्य चीजों को पानी में डालने के बजाय अलग से एकत्र करें, ताकि बाद में उन्हें उचित तरीके से डिस्पोज किया जा सके। आर्टिफिशियल सजावटी सामग्री का इस्तेमाल अन्य पूजा के डेकोरेशन में भी किया जा सकता है, जब कि फूल-माला को एकत्रित करके गार्डन की मिट्टी में मिलाकर उससे कंपोस्ट या खाद बनाया जा सकता है।