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गणगौर पर्व आज,गणगौर पूजा के समय जरूर गाएं ये आरती, मिलेगा व्रत का शुभ फल

Gangaur Puja Aarti :आज गणगौर पर्व है। गणगौर पूजा के दौरान ‘आरती कीजिए गणगौर ईसर जी की, म्हारी डूंगर चढ़ती बेलन जी’ जरूर गायें। इससे व्रत का शुभ फल मिलेगा और मां गणगौर की विशेष कृपा प्राप्त होगी।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 21, 2026 | 03:16 PM

(सौ.सोशल मीडिया)

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Gangaur Puja Me Kaunsi Aarti Karni Chahiye : आज 21 मार्च को गणगौर पर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। खासतौर पर राजस्थान और मध्यप्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में इस पर्व की अलग ही रौनक देखने मिलती है। गणगौर पर्व खासतौर से महिलाओं के लिए बड़ा महत्व रखता है।

लोक मान्यता के अनुसार, इस दिन महिलाएं मां गौरी और भगवान शिव की पूजा कर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं।

इस अवसर पर पूजा और लोकगीतों के साथ आरती का भी विशेष महत्व होता है, जिस इस पर्व में किए जाने वाले व्रत और पूजा-पाठ का पूर्ण फल मिलता है। यहां पढ़िए गणगौर पूजा के दिन की जाने वाली आरती

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गणगौर पूजा मंत्र जाप

चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी से शुरू होकर शुक्ल पक्ष की तृतीया तक चलने वाला यह पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। बड़ी गणगौर पूजा के दिन महिलाएं बालू और मिट्टी से शिव जी और माता पार्वती (ईसर-गौरा) की प्रतिमा का निर्माण करके उनका सम्पूर्ण शृंगार करती हैं। इस पूजा के दौरान इन मंत्रों का जाप करना चाहिए।

‘ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः’

या देवी सर्वभू‍तेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:॥

1: गणगौर की आरती

आरती कीजिए गणगौर ईसर जी की
गौरी शंकर शिव पार्वती की -2

देसी घी को दीप जलायो
तोड़ तोड़ फूलडा हार बनायो
लाला फूला की थाने हार पहनायो
आरती कीजिए…

महिमा थारी सब कोई गावे
खीर ढोकला को भोग लगावे
भंडार उसके भर देते हो
आरती कीजिए…

ईसर म्हारा छैल छबीला
गोरा म्हारी रूप की रानी
सुंदर जोड़ी पर वारी वारी जाऊं
आरती कीजिए…

जो कोई आपकी शरण में आवे
सर्व सुहाग परम पथ पावे
आरती कीजिए…

2: गणगौर पूजा आरती

म्हारी डूंगर चढती सी बेलन जी,
म्हारी मालण फुलडा से लाय।
सूरज जी थाको आरत्यों जी,
चन्द्रमा जी थाको आरत्यो जी।
ब्रह्मा जी थाको आरत्यो जी,
ईसर जी थाको आरत्यो जी।
थाका आरतिया में आदर मेलु पादर मेलू,
पान की पचास मेलू।
पीली पीली मोहरा मेलू , रुपया मेलू,
डेड सौ सुपारी मेलू , मोतीडा रा आखा मेलू।
राजा जी रो सुवो मेलू , राणी जी री कोयल मेलू,
करो न भाया की बहना आरत्यो जी।
करो न सायब की गौरी आरत्यो जी।।

यह भी पढ़ें:-आज तीसरे नवरात्रि पर रवि योग में करें मां चंद्रघंटा की पूजा, हर मनोकामना होगी पूरी, मिलेगी साहस और सफलता

नीव ढलती बेलड़ी जी

नीव ढलती बेलड़ी जी,
मालन फुलड़ा सा ल्याय, ईसरदास थारो कोटडया जी,
मालन फुलड़ा सा ल्याय, कानीराम थारो आरती जी।
आरतडदात धाम सुपारी लागी डोड़ा स जी,
डोड़ा राज कोट चिणाए, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गायां जाई छ ठाणम जी, बहुवां जाई छ साल, झीलो म्हारी चूनड़ी जी,
गायां जाया बाछड़ा जी, बहूवां जाया छ पूत, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गायां खाया खोपरा जी बहूवां खाई छ सूट, झीलो म्हारी चूनड़ी जी,
गायां क गल घूघरा जी बहूवां कागल हार, झीलो म्हारी चूनड़ी जी।
गोरल जायो द पूत जी कुण खिलायगी जी, खिलासी रोवां ननद झाबर क पालण जी,
आँख मोड़ नाक मोड़ कड़ मोड़ घूमर घाल,बाड़ी न रुन्दल जी।
बाड़ी म लाल किवाड़, झीली म्हारी चूनड़ी जी, आवगा ब्रह्मदासजी रा पूत पाजोव थारी मन राली जी।

माता पार्वती जी की आरती

जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता

जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता

हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्ट‍ि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता

नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।

देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।

जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता

सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

Gangaur festival today sing this aarti during puja for auspicious vrat

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Published On: Mar 21, 2026 | 03:16 PM

Topics:  

  • Dharma
  • Gangaur Vrat
  • Religion News
  • Sanatan Hindu religion

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