कल साल का पहला शनि प्रदोष व्रत पर करें ये उपााय मिलेगी साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति
Shani Pradosh Vrat: इस बार फाल्गुन महीने का पहला प्रदोष का व्रत कल यानी 14 फरवरी को रखा जाएगा।इस दिन महादेव के साथ-साथ शनि देव की भी पूजा की जाती है।
- Written By: सीमा कुमारी
देवों के देव महादेव
First Shani Pradosh Of Year:देवों के देव महादेव को समर्पित प्रदोष का व्रत हर महीने दोनों पक्षों की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस बार फाल्गुन महीने का पहला प्रदोष का व्रत कल यानी 14 फरवरी को रखा जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत जिस दिन होता है, उस दिन जो वार पड़ता है उसी के नाम से प्रदोष व्रत जाना जाता है।
इस बार यह व्रत शनिवार को पड़ रहा है, तो ऐसे में यह शनि प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा। शनि प्रदोष को शनि त्रयोदशी भी कहा जाता है।
इस दिन महादेव के साथ-साथ शनि देव की भी पूजा की जाती है। साथ ही शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए कुछ विशेष उपाय किए जाते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Ganga Dussehra Date 2026: सोमवार को है गंगा दशहरा? जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व
11:11 Angel Number Meaning: यदि आपको भी बार-बार दिखता है 11:11 का शुभ नंबर, तो समझिए खुलने वाले हैं आपके भाग्य
नवभारत विशेष: कार्पोरेट जगत में मजहबी कट्टरता क्यों? इसके तार बहुत दूर तक फैले हैं
Today’s Libra Horoscope: तुला राशि वालों को मिलेगा अपनों का साथ, लव लाइफ को लेकर बरतें सावधानी
शनि प्रदोष व्रत पर साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए क्या उपाय करें?
-
उड़द दाल और लोहे की कील चढ़ाएं
ज्योतिष के अनुसार, शनि प्रदोष व्रत पर साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत के लिए शनि देव को उड़द की दाल और लोहे की कील चढ़ाएं। काले और गहरे नीले रंग की वस्तुओं और पदार्थों को शनि देव से संबंधित माना गया है। इससे साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है।
-
ॐ शं शनिश्चराय नमः का जप करें
कहते है, इस दिन शनि देव के बीज मन्त्र ॐ शं शनिश्चराय नमः का जप करें। कम से कम 30 माला का जप करें। इससे शीघ्र ही जीवन के दुखों का नाश होगा।
-
लोहे के बर्तन में सरसों तेल डालकर ब्रह्म स्थान पर रखें
इस दिन लोहे का पात्र लें और उसमें सरसों तेल भरें। इसके बाद उसमें एक लाल रंग का फूल रखें। इस पात्र को घर के मध्य भाग यानी ब्रह्म स्थान पर रखें। इससे घर में सकारात्मक उर्जा बढ़ती है।
यह भी पढ़ें:-रिश्तों में क्यों आती है बार-बार दरार? कुंडली में शुक्र कमजोर तो नहीं? जानिए क्या हो सकते हैं इसके लक्षण
-
पीपल पेड़ की पूजा करें
इस दिन पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं। शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं।
-
हनुमान जी की पूजा-आराधना करें
शनिवार को हनुमान जी की विशेष पूजा-आराधना करें। ऐसा करने से हर प्रकार का शनि दोष दूर होता है।
