नवंबर माह का पहला प्रदोष व्रत इस दिन, इस शुभ मुहूर्त में करें महादेव शिव की पूजा
:देवों के देव महादेव को समर्पित त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत, हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। इस बार नवंबर माह का पहला प्रदोष व्रत 13 नवंबर को है।
- Written By: सीमा कुमारी
नवंबर माह का पहला प्रदोष व्रत इस दिन
Pradosh Vrat 2024:देवों के देव महादेव को समर्पित त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत, हिंदू धर्म में भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को रखा जाता है। इस बार नवंबर माह का पहला प्रदोष व्रत 13 नवंबर को है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है।
इसके साथ ही शिव-शक्ति के निमित्त प्रदोष व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक को सभी प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। साथ ही सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। इस शुभ अवसर पर साधक श्रद्धा भाव से भगवान शिव की पूजा करते हैं। आइए, सही डेट एवं शुभ मुहूर्त जानते हैं।
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नवंबर का पहला प्रदोष व्रत कब है
पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 13 नवंबर को दोपहर 1 बजकर 1 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 14 नवंबर को सुबह 9 बजकर 43 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, नवंबर का पहला प्रदोष व्रत 13 नवंबर, दिन बुधवार को रखा जाएगा।
नवंबर बुध प्रदोष व्रत शुभ मुहूर्त
नवंबर के पहले प्रदोष व्रत यानी बुध प्रदोष व्रत के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 13 नवंबर शाम 5:28 से लेकर रात 8:07 बजे तक है। ऐसे में बुध प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में पूजा करने के लिए 2 घंटे 38 मिनट का समय मिलेगा।
ऐसे करें प्रदोष व्रत में पूजा
इस दिन प्रात:काल स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर हाथ में फूल और अक्षत लेकर व्रत का संकल्प करें। भगवान शिव की पूरे परिवार यानी माता पार्वती, दोनों पुत्रों भगवान गणेश और भगवान कार्तिकेय व नंदी के साथ पूजा करें।
शाम के समय प्रदोष काल में भगवान शिव का अभिषेक करें और उनके पूरे परिवार के साथ उनकी विधिवत पूजा करें। बुध प्रदोष व्रत की कथा सुनें और घी का दिया जलाकर आरती करें। पूजा के बाद ऊं नम: शिवाय मंत्र को जाप करें।
बुध प्रदोष व्रत का व्रत रखने और भगवान शिव की पूजा अराधना से ज्ञान, शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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