नमक दान होता है वर्जित (सौ.सोशल मीडिया)
पितृ पक्ष का दौर इन दिनों चल रहा है इस दौरान वंशज विशेष तिथियों पर अपने पितरों के लिए अनुष्ठान घर पर कर रहे है। 17 सितंबर से शुरु हुए इस पितृ पक्ष के दौरान 16 दिनों के लिए श्राद्ध और तर्पण की विधि अपनाई जाती है। इस दौरान कई चीजों का दान करना जहां पर शुभ माना जाता है वहीं पर कई चीजों का प्रयोग वर्जित मानते है। मान्यता के अनुसार कहा गया है कि, पितरों की आत्मा की शांति के लिए दान करना चाहिए लेकिन इस दौरान आपको कई बातों का ख्याल रखना भी जरूरी है। चलिए ज्योतिषचार्य के जरिए जानते है नमक दान नहीं करने का अर्थ।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान नमक को वर्जित की श्रेणी में रखा गया है। नमक का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है, इसे कर्म और कष्टों का कारक भी माना गया है, अगर पितृ पक्ष के दौरान नमक का इस्तेमाल करते है तो शनि की कठोर ऊर्जा आकर्षित होती है, जो पितरों की आत्मा की शांति में बाधा बन सकती है। हो सकता है शांति के लिए किया जाने वाला अनुष्ठान अच्छे से फल नहीं पाए इस वजह से नमक का दान करने की मनाही होती है।
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इसके अलावा यह भी कहा गया है कि, पितृ पक्ष के दौरान दान करने का एक और कारण माना गया है कि, नमक एक खारा खाद्य पदार्थ है अगर हम इस दौरान इसका दान कर रहे हैं तो पूर्वजों को शांति मिलने की बजाय असंतुष्टि ही होगी । क्योंकि मान्यता के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान पितरों को मीठे और सात्विक भोजन का भोग लगाया जाता है।
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यहां पर ज्योतिष शास्त्र में नमक का महत्व बताया गया है जो विशेष होता है। नमक को केवल भोजन में स्वाद बढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चीज नहीं मानते है बल्कि इसे शुद्धिकरण, स्थायित्व और सुरक्षा का प्रतीक भी माना गया है. साथ ही इसका संबंध शनि ग्रह से माना गया है और शनि को कर्मफल दाता के रूप में भी जाना जाता है। नमक का इस्तेमाल करने से नकारात्मक चीजों का नाश होता है नमक का दान देना इस दौरान वर्जित मानते है।